ऑस्कर अवार्ड :- फिल्म जगत के सबसे बड़े अवार्ड का इतिहास

ऑस्कर अवार्ड का नाम तो आपने सुना ही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऑस्कर का अर्थ क्या है? ये अवार्ड कब शुरू हुए और कौन है जो फिल्मों को ऑस्कर अवार्ड के लिए चुनता है। अगर नहीं तो आइये जानते हैं पूरी जानकारी इस लेख ऑस्कर अवार्ड में :-

ऑस्कर अवार्ड

ऑस्कर अवार्ड

क्या है ऑस्कर अवार्ड

फ़िल्मी जगत का सबसे बड़ा पुरस्कार जिसे आप ऑस्कर के नाम से जानते हैं। लेकिन शायद ही ये जानते हों कि उसका अस्लिम ऑस्कर है ही नहीं। ऑस्कर अवार्ड का असली नाम अकादमी पुरस्कार ( The Academy Awards ) है। यह पुरस्कार अमेरिकन अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस (AMPAS) द्वारा दिया जाता है। यह पुरस्कार फिल्म उद्योग में निर्देशकों, कलाकारों और लेखकों सहित पेशेवरों के बढ़िया काम को पहचान देने के लिए प्रदान किया जाता है। विश्व में होने वाले प्रमुख बड़े समारोहों में से ये एक है। यह समारोह हर साल फ़रवरी में होता है।

तो फिर ऑस्कर क्या है

अगर ऑस्कर अवार्ड का असली नाम अकादमी पुरस्कार ( The Academy Awards ) है तो ऑस्कर क्या है? यही सवाल आ रहा होगा आपके मन में। तो लीजिये हम बताते हैं आपको कि ऑस्कर आखिर है क्या? ऑस्कर जो की ऑस्कर अवार्ड्स में दी जाने सोने की परत चढ़ी मूर्ती है, जॉर्ज स्टैनले द्वारा बनायीं गयी थी।

इसके नामकरण के बारे में जानकारी स्पष्ट नहीं है। बेट्टे डेविस, एकेडमी की एक पूर्व अध्यक्ष की आत्मकथा में उन्होंने ये दावा किया है कि ऑस्कर का नाम उनके पहले पति हार्मोन ऑस्कर नेलसन के नाम पर पड़ा है। एक और दावा किया जाता है कि एकेडमी में काम करने वाली एक महिला मार्गरेट हेर्रिक ने जब इस मूर्ती को देखा तो उसने कहा कि ये तो उसके अंकल ऑस्कर की तरह दिखती है। स्तंभकार सिडनी स्कोल्सकी ने यह बात अपने एक शीर्षक में लिखी,

“”कर्मचारियों ने अपनी प्रसिद्ध प्रतिमा को प्यार से ‘ऑस्कर’ नाम दिया।”

1932 में वाल्ट डिज्नी ने इस पुरस्कार के लिए धन्यवाद देते हुए इस नाम का प्रयोग किया। इसके बाद इस नाम का जिक्र नाम टाइम मैगजीन में छठे पुरस्कार सामरोह के बाद 1934 में हुआ। 1939 में अमेरिकन अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस (AMPAS) द्वारा यह नाम अधिकारिक रूप से अपना लिया गया।

एक और कहानी के अनुसार लुई बी मायेर के कार्यकारी सचिव, नार्वे-अमेरिकी एलेनोर लिलेबर्ग ने जब पहली बार यह मूर्ती देखी तो उसने कहा, “यह राजा ऑस्कर II के जैसी लग रही है!” सारा दिन बीत जाने पर के बाद उसने पूछा, “हम ऑस्कर का क्या करें, उसे कोठरी में रख दो?” और नाम जंच गया।

ऑस्कर की प्रतिमा

जॉर्ज स्टैनले द्वारा बनायीं गयी ऑस्कर प्रतिमा एक योद्धा की है जिसे आर्ट डेको में बनाया गया है। इस प्रतिमा में एक योद्धा अपनी तलवार लिए हुए पाँच तीलियों वाली फिल्म की रील पर खड़ा है। ये पाँच तीलियाँ अकादमी की पाँच मूल शाखाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। जो कि इस प्रकार हैं :- अभिनेता, लेखक, निर्देशक, निर्माता और तकनीशियन। यह प्रतिमा पीतल की बनी होती है जिस पर सोने की परत चढ़ी हुयी होती है यह प्रतिमा 13.5 इंच (34 सेमी) लंबी है, 8.5 पाउंड (3.85 किलो) की है यह प्रतिमा 13.5 इंच (34 सेमी) लंबी है, 8.5 पाउंड (3.85 किलो) की है यह प्रतिमा 13.5 इंच (34 सेमी) लंबी है, 8.5 पाउंड (3.85 किलो) की है।

कब हुयी ऑस्कर अवार्ड की शुरुआत

सबसे पहला ऑस्कर अवार्ड समारोह 16 मई,1929 को हॉलीवुड में होटल रुज़वेल्ट में किया गया था। पहले ऑस्कर अवार्ड में 270 दर्शक थे। पुरस्कार समारोह के बाद होटल मेफेयर में एक पार्टी राखी गयी। जिसमें जाने वाले मेहमानों की टिकेट $5 थी। जो कि अब बढ़कर $71 हो चुका है। यह पुरस्कार समारोह कार्यक्रम 15 मिनट तक हुआ था। और मजे की बात ये है कि इस समारोह में पुरस्कार भी 15 ही दिये गए थे।

कब हुआ प्रसारण

पहली बार इस समारोह का कोई भी प्रसारण नहीं हुआ था। पहली बार विजेताओं के नाम 3 महीने पहले ही घोषित कर दिये गए थे। लेकिन अगले ही साल यह इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया और विजेताओं के नाम अखबार वालों को अवार्ड्स समारोह की रात को 11 बजे प्रकाशित करने के लिए दिये जाते थे। यह प्रक्रिया तब बंद कर दी गयी जब 1941 में लॉस एंजलस टाइम्स ने समरोह से पहले ही विजेताओं की सूची प्रकाशित कर दी।

इसका रेडियो पर सबसे पहला प्रसारण 1930 में और टेलीविज़न पर सबसे पहला प्रसारण 1953 में हुआ था। अब इस समारोह का 200 से भी ज्यादा देशों में सीधा प्रसारण होता है। मनोरंजन जगत में यह सबसे पुराना पुरस्कार समारोह है।

कितनी होती है संख्या

हालाँकि पहली बार हुए पुरस्कार समारोह में 15 ही पुरस्कार दिये गए थे पर अब इन पुरस्कारों की संख्या बढ़कर 24 हो गयी है। इस पुरस्कार समारोह को चलते हुए 90 साल हो चुके हैं। और इन 90 सालों के अन्तराल में कुल मिलकर 3,072 ऑस्कर अवार्ड्स अब तक दिये जा चुके हैं।

ऑस्कर का स्वामित्व

1950 में ऑस्कर को बिकने से बचाने के लिए इसके साथ एक कानून लागू कर दिया गया। जिसके अनुसार कोई भी ऑस्कर विजेता या ऑस्कर विजेता का कोई भी वंशज यह पुरस्कार किसी को नहीं बेच सकता। यदि वह बेचना चाहे तो उसे पहले यह पुरस्कार अकादमी को $1 में बेचना होगा। अगर एकेडमी इसे नहीं खरीदती है तो वह किसी को भी यह पुरस्कार बेच सकता है।

कौन करता है चुनाव

ये तो आज तक मैं भी सोचता था कि ऑस्कर के लिए बेहतर फिल्मों को चुनता कौन है। जब ढूँढा तो पता चला कि ऑस्कर अवार्ड के लिए फिल्मों का चुनाव एकेडमी के सदस्य करते हैं। जिनकी संख्या हजारों में होती है। यह संख्या 5500 से लेकर 6000 के बीच में होती है। इन सदस्यों के नामों को सार्वजनिक नहीं किया जाता। ये सदस्य देश-विदेश में फिल्म जगत से जुड़े हुए लोग ही होते हैं। इन में सबसे ज्यादा संख्या अभिनेताओं की ( 22 प्रतिशत ) होती है।

तो ये थी ऑस्कर अवार्ड के बारे में कुछ जानकारी। इस लेख के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें और यदि ऑस्कर को लेकर आपके मन में कोई प्रश्न है तो वो भी बेझिझक लिखें। इसी तरह की रोचक जानकारियां पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करें।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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