तिरंगा पर शायरी :- राष्ट्रीय ध्वज को समर्पित शायरी | Tiranga Shayari

जब भी मेरे देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराता है। हर भारतीय का सिर गर्व से ऊपर उठ जाता है। यह तिरंगा किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे देश की शान है। आयी पढ़ते हैं हमारे भारत देश के राष्ट्रीय ध्वज को समर्पित ( Tiranga Shayari ) ” तिरंगा पर शायरी ” :-

तिरंगा पर शायरी

तिरंगा पर शायरी

1.

एकता का हमें पाठ पढ़ाता
तीन रंग में रंगा है,
हिंदुस्तान की आन-बान और
मेरी शान तिरंगा है।

2.

जहाँ कहीं भी देश में मेरे
जब भी तिरंगा लहराता है,
जोश दिलों में भर जाता और
गर्व से शीश उठ जाता है।

3.

देश के लिए शहीद हुए
वीरों की गाथाएं गाता है,
देश की सीमा पर जब भी
तिरंगा शान से लहराता है।

4.

तिरंगे में लिपट कर
जब भी कोई वीर आता है,
वतन है प्यारा प्राणों से
वो हमको यही बताता है।

5.

महज कपड़ा नहीं है ये
वीरता की निशानी है,
जो कीमत जनता है इसकी
वो ही हिन्दुस्तानी है।

6.

तीन रंग में रंग हुआ
सारे जग से न्यारा है,
सुनो तिरंगा हमे हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।

7.

सबसे प्यारा है वतन हमारा
गर्व से हम ये कहते हैं,
एक तिरंगे के नीचे
हम सभी ख़ुशी से रहते हैं।

8.

तिरंगा दिल में बसता है
उसी पर जान लुटाता हूँ,
वतन से प्यार है मुझको
वतन के गीत गाता हूँ।

9.

लहराता है नील गगन में
ऊंची जिसकी शान है,
महज एक झंडा नहीं
तिरंगा देश की पहचान है।

10.

लहराए तिरंगा प्यारा जिसकी शान में
सर गर्व से ऊंचा हो जिसके सम्मान में,
प्रेम भाव से रहते जहाँ सभी मिलजुलकर
मैं रहता वीरों के देश हिंदुस्तान में।

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धन्यवाद।