Tagged: वियोग कविताएँ

प्रेम विरह कविता

प्रेम विरह कविता :- तड़पने लगा हूँ खुद में मैं | प्रेम वियोग कविता

एक प्रेमी के हृदय की तड़प को शब्दों में व्यक्त करती कविता ‘ प्रेम विरह कविता ‘ प्रेम विरह कविता तड़पने लगा हूँ खुद में मैं निकलने लगी चिंगारी है।...

टूटे दिल की कविता

टूटे दिल की कविता :- गजल मेरी है जल रही | हिन्दी कविता दर्द भरी

ये कविता है एक ऐसे प्रेमी की जिसे उसकी प्रेमिका छोड़ कर चली गयी है। तब वह प्रेमी ज्येष्ठ के महीने में उसके लिए लिखी सारी गजलों को जला रहा...

तेरी यादों का सिलसिला

तेरी यादों का सिलसिला :- किसी की याद में दर्द भरी कविता | यादों की किताब भाग – 5

जब हम जिंदगी में अपने प्यार से जुदा होते हैं तो उस प्यार की यादें हमारा पीछा जल्दी नहीं छोड़ती। फिर ऐसा लगता है जैसे उस से कोई रिश्ता अभी...

श्री राम पर कविता

श्री राम पर कविता :- वनवास उपरांत अयोध्या लौटे श्री राम की स्थिति पर कविता

दीपावली, जिसके प्रति सभी लोगों के मन में एक अलग ही उत्साह रहता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जब राम अयोध्या में आये होंगे। उस वक़्त उनके...

अब वो दौर क्यों नहीं आता

अब वो दौर क्यों नहीं आता :- बीते लम्हों की याद में कविता | यादों की किताब भाग – 4

पहली मुलाकात और उसके बाद मोहब्बत में होने वाला हर काम यादों की किताब में इस कदर दर्ज हो जाता है कि उन लम्हों को याद कर दुबारा से जीने...

अधूरे प्यार की कविता

अधूरे प्यार की कविता :- प्यार मोहब्बत इक धोखा है | बेवफाई पर हिंदी कविता

इन्सान अक्सर जब किसी से प्यार कर बैठता है तो उसके दो ही अंजाम होते हैं या तो वो मोहब्बत पूरी हो जाती है या फिर अधूरी रह जाती है।...