Tagged: प्राकृतिक कविताएँ

सावन पर छोटी कविता :- जीवंत हो उठता है बचपन | बचपन की यादें भाग – 4

बचपन की यादों को कौन भूल सकता है भला। यही तो जीवन का वह समय होता है जब हम खुल कर अपने जीवन का आनंद लेते हैं। इसके बाद तो जैसे -जैसे उम्र बढती...

पर्यावरण संरक्षण पर कविता

पर्यावरण संरक्षण पर कविता :- पर्यावरण दिवस पर छोटी कविता | Paryavaran Par Kavita

आज के युग में मानव अपने सुख के लिए धरती माता के साथ बहुत अन्याय कर रहा है। यदि भविष्य में ऐसा ही चलता रहा तो बहुत जल्द मानव का अस्तित्व इतिहास बन कर...

नदी पर छोटी कविता

नदी पर छोटी कविता :- आगे बढ़ना ही जीवन है प्रेरणादायक कविता

आगे बढ़ते रहने का ही नाम जीवन है। यूँ तो हमारे आस-पास कई ऐसी चीजें हैं जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहते हैं। मगर मैं यहाँ पर बात करने वाला हूँ नदी...

धरती पर छोटी कविता

धरती पर छोटी कविता :- आज के युग में धरती माता की कहानी बताती कविता

धरती, जिसे हम माता कह कर बुलाते हैं। लेकिन कभी सोचा है की क्या हम इसे माँ का सम्मान भी देते हैं? आज का इन्सान इतना मतलबी हो गया है कि पर्यावरण को दूषित...

सुबह पर उत्साहवर्धक कविता

सुबह पर उत्साहवर्धक कविता :- सुख का सूरज है निकल रहा

सुबह तो रोज एक जैसी होती है लेकिन जिस दिन हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति का उद्देश्य लेकर उठते हैं। उस दिन की सुबह कुछ खास ही होती है। इस अनुभूति को वही लोग...

ek adbhut kalakar poem

एक अद्भुत कलाकार :- ईश्वर की महिमा बयां करती हिंदी कविता

यह कविता है एक ऐसे कलाकार के बारे जिसे कोई नहीं देख सकता लेकिन उसकी रचना को सब देख सकते हैं। उसके पास ऐसी कला है कि वो कुछ भी बना और मिटा सकता...