Tagged: धार्मिक कविताएँ

दीपावली पर कविता

दीपावली पर कविता :- राम अवध को पधारे | दिवाली पर एक कविता

दीपों का त्यौहार दीपावली, भगवान् श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के उपरांत अयोध्या वापिस आने की ख़ुशी में मनाया जाता है। इस दिन मात्र अयोध्या ही नहीं अपितु...

नवरात्रि पर दुर्गा भक्ति कविताएँ

नवरात्रि पर दुर्गा भक्ति कविताएँ :- दरबार सजा दिया और अष्टभुजाओं वाली माता

नवरात्रि के आरंभ होते ही हर जगह मान के दरबार सज जाते हैं और माँ कि पूजा अर्चना शुरू हो हो जाती है। ऐसे में भक्तों की कतारें माँ के...

माँ दुर्गा पर भजन

माँ दुर्गा पर भजन :- तू दर्शन दे दे मुझको | माँ दुर्गा पर भक्ति गीत

नवरात्री के नौ पवित्र दिन, जिन दिनों में माता के दरबार को सजाया जाता है, उनकी पूजा की जाती है। ऐसे ही एक माता के लिए सजे एक भवन में...

माँ दुर्गा पर भक्ति गीत

माँ दुर्गा पर भक्ति गीत :- लाल चुनरिया ओढ़ी माँ ने | माँ दुर्गा पर भक्तिमय कविता

माँ का दरबार जब लाल रंग की चुनरियों से सजा होता है तो भक्ति भावना अपने आप बढ़ जाती है। माँ दुर्गा के पवन दर्शन करने जो भी भक्त उनके...

माँ दुर्गा पर भक्ति गीत

माँ दुर्गा पर कविता :- तेरा दर लागे मुझे प्यारा | देवी दुर्गा पर भक्ति कविता

माँ दुर्गा, जो अपने भक्तों के कष्टों को हर उनके जीवन में सुख की बहार ला देती हैं। जो उनकी शरण में जाता है वो हर ओर से सुखी व...

विजयादशमी पर कविता

विजयादशमी पर कविता :- जो रावण हैं बसे जहां में | आज के समाज पर कविता

नवरात्री के नौ दिनों बाद दशमी को अत है विजयादशमी का त्यौहार। जी वही दिवस जिस दिन भगवान श्री राम जी ने रावण का संहार कर उसके पापों का अंत...