Tagged: छोटी कविताएँ

श्मशान नज़र आता है

श्मशान नज़र आता है :- आज के हालातों को बयान करती कविता

आज के हालातों को बयां करती हुयी सलिल सरोज जी की कविता श्मशान नज़र आता है :- श्मशान नज़र आता है जो देखूँ दूर तलक तो कहीं बियाबाँ , कहीं...

मानवता पर कविता

मानवता पर कविता :- दिवाली पर इंसानियत की एक कविता

हर दिवाली हम लोग दीप जलाते हैं। इस तरह अमावस की काली रात को रोशन किया जाता है। लेकिन कितना अच्छा हो जब हम एक रात नहीं बल्कि किसी की...

स्वच्छ भारत अभियान पर छोटी कविताएँ

स्वच्छ भारत अभियान पर छोटी कविताएँ :- स्वच्छ भारत का नारा, सपना और निर्माण

भारत को स्वच्छ बनाना सिर्फ सर्कार की ही जिम्मेवारी नहीं है। ये हमारा भी फर्ज बनता है कि अपने देश को स्वच्छ व सुन्दर बनायें। यदि हर व्यक्ति अपने इस...

हिंदी भाषा पर कविता

हिंदी भाषा पर कविता :- राष्ट्रभाषा हिन्दी के महत्व पर कविता

हिंदी, जिसे संविधान में राष्ट्र भाषा का दर्जा अब तक नहीं मिला है फिर भी सारे हिन्दुस्तानी इसे अपनी राष्ट्र भाषा मानते हैं। हिंदी भाषियों का प्रेम ही है जो...

हिंदी दिवस पर कविताएँ

हिंदी दिवस पर कविताएँ :- हिंदी भाषा को समर्पित 3 छोटी कविताएँ

हामरे समाज में आज अंग्रेजी का एक हौवा सा उड़ता जा रहा है। सबको लगता है कि आने वाले समय में अंग्रेजी ही राज करने वाली है। ऐसा बिलकुल भी...

याद में दर्द भरी कविता :- मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है | यादों की किताब भाग – 3

यादों पर कविताएँ तो आपने हमारे ब्लॉग पर पढ़ी ही हैं। इस बार याद पर कविता भेजी है हमारे पाठक हरीश चमोली जी ने। इस ब्लॉग पर उनकी एक कविता...