Category: रिश्तों पर कविताएँ

रक्षाबंधन पर कविता

रक्षाबंधन पर कविता :- राखी का त्यौहार | राखी पर एक छोटी कविता

रक्षाबंधन, भाई और बहन के प्रेम को दिखाता एक पवित्र पर्व। एक ऐसा पर्व जो कई भावनाओं को समाहित किये हुए है। ये राखी सरहद पर जाती है, ये राखी...

बाल दिवस पर कविता

छोटे भाई पर कविता :- राम को जैसे मिले थे लक्ष्मण | भाई भाई के लिए कविता

इस कविता के भाव वही पाठक समझ सकते हैं जिनका कोई छोटा भाई है। छोटा होने की वजह से वो सबका लाडला तो होता ही है साथ ही शैतान भी...

माँ की लोरी कविता :- बचपन की यादें समेटे हुए एक प्यारी सी कविता भाग – 3

बचपन की यादें हमारे साथ सारी जिंदगी रहती हैं। यही वो पल होते हैं जो हमें हर अवस्था में अछे लगते हैं और फिर से उसी बचपन में लौट जाने...

शिक्षक पर कविता

गुरु पर कविता :- गुरु का महत्व बताती हिंदी कविता | वही गुरु कहलाता है

गुरु की महिमा का जितना भाखां किया जाए कम है। गुरु एक समाज की नीवं होता है जिसके ऊपर सरे समाज की संरचना टिकी होती है। ऐसा भी कहा जाता...

प्यार का मतलब

माँ की दुआ ही सबसे ज्यादा काम आती हैं | माँ की दुआएं हिंदी कविता

इश्वर की सबसे सुन्दर रचना है नारी और नारी रूप में सबसे ज्यादा पूजनीय है ‘माँ।’ माँ की महिमा का बखान तो सारा जग करता है। ऐसा अक्सर कहा जाता...

रिश्ते पर कविता

रिश्ते पर कविता :- शुभा पाचपोर द्वारा लिखी गयी बदलते रिश्तों पर कविता

रिश्ते, जो हमें एक डोर की तरह आपस में बाँध कर रखते हैं। रिश्ते जो हमारे अन्दर जज़्बात पैदा करते हैं। एक परिवार बनाते हैं। जो हमारी जिंदगी को बेहतर...