इम्तिहान शायरी :- जिंदगी में आने वाले उतार चढ़ाव और इम्तिहान की शायरी

जिंदगी इम्तिहान लेती है……..ये गाना तो सबने सुना ही होगा लेकिन ये महसूस तब होता है जब इन्सान खुद किसी मुसीबत में फंसता है या उसका दिल टूट जाता है। उसका भरोसा पूरी दुनिया पर से उठ जाता है। इसके बाद जब वो कभी भी ये बात नहीं भूलता की जिन्दगी हर पल हमारा एक नया इम्तिहान लेने को तैयार रहती है। इस बात को अच्छी तरह जान लेने के बाद और हर इम्तिहान के लिए तैयार रहने के बाद ही इंसान एक बड़ा मुकाम हासिल करता है। तो आइये जिंदगी के उतार चढ़ाव की इम्तिहान शायरी :-

इम्तिहान शायरी

इम्तिहान शायरी

1.

न जाने ये जिन्दगी क्यों हर पल
एक नया इम्तिहान लेती है,
लूट लेती है फिर ये हमसे खुशियाँ हमारी
और हमें जीने का एक सबक देती है।

2.

इम्तिहानों के दौर ने बना दिया एक नायाब हीरा हमें,
न खाते ठोकरें तो आज वजूद एक मामूली पत्थर सा होता।

3.

घबरा जाये जो चुनौतियों से वो भी क्या इंसान है,
जीना सिखा दे जो बुरे वक़्त में वो ही असल इम्तिहान है।

4.

कभी है ढेरों खुशियाँ तो कभी गम बेहिसाब हैं,
इम्तिहानों से भरी जिन्दगी इसी लिए लाजवाब है।

5.

बड़े इत्मीनान से हर इम्तिहान पार किया हमने,
कुछ इसी तरह से अपना हर सपना साकार किया हमने।

6.

हर पल तैयार रहना हर इम्तिहान के लिए
जरूरी है ये बनाने को अपनी पहचान के लिए,
उतार-चढ़ाव ही तो पड़ाव हैं जिन्दगी के
मगर तुम बढ़ते रहना अपने हर अरमान के लिए।

7.

बिखर जाए जो टूट कर छोटी सी ठोकर से
वो इंसान भी क्या इन्सान है,
खुद में समेट कर रखती है बहुत से सवाल जो
ये जिन्दगी जिन्दगी नहीं एक इम्तिहान है।

8.

हर रोज साबित करना पड़ता है खुद को सबके सामने,
ये रिश्ते रिश्ते न रहे इम्तिहान हो गए हैं।

9.

अर्ज इतनी सी है ए जिन्दगी
मेरे होठों से तू ये मुस्कान न ले,
या तो जीने दे चैन से या ख़ाक कर दे
मगर इस कदर मेरे सब्र का इम्तिहान न ले।

10.

जिन्दगी की इन राहों में हर शख्स
कुछ खुशियाँ और कुछ गम दे जाता है,
कुछ यूँ ही चलता रहता है
इम्तिहानों का दौर जिन्दगी में और
हर इम्तिहान एक नया सबक दे जाता है।

पढ़िए :- प्रेरक कविता सबक जिंदगी का

11.

जिन्दगी की इस भाग-दौड़ में मैं
हर इम्तिहान के लिए तैयार था,
पार कर कई दरिया पा ही लिया मैंने
मुझे मेरी जिस मंजिल से प्यार था।

12.

ख़त्म सा हो गया है इंसानियत का रिश्ता ही आज कल
जिन्दगी की भाग-दौड़ हर रिश्ते की जान ले रही है,
क़द्र पैसों की हो रही है और सब बेईमान है यहाँ
झूठ का कद बढ़ गया है और सच्चाई इम्तिहान दे रही है।

13.

जिन्दगी के इम्तिहानों ने ही दिलाई है मुझे ये पहचान मेरी
जो बच कर गुजरे थे कभी ख़ाक हुए बैठे हैं।

14.

मुश्किलों से हँसते हुए गुजार जाए जो
इस जहाँ में वही एक असल इंसान है,
पानी है मंजिल तो हर पल तैयार रहना
हर कदम एक नया इम्तिहान है।

15.

मजिलों को पाने से पहले
अपने हौसलों को चट्टान किया है मैंने
यूँ ही नहीं परखना सीखा इंसानों को
जिंदगी का हर इम्तिहान दिया है मैंने।

16.

दिये हैं जिन्दगी में कई इम्तिहान मैंने
तब जाकर कहीं ये मुकाम पाया है,
कभी साथ था मेरा तकलीफों के साथ
आज ये वक़्त खुशियों का पैगाम लाया है।

17.

संघर्ष के बाद भी कुछ बचता है तो वो इत्मीनान ही तो है
जिंदगी और कुछ नहीं इम्तिहान ही तो है।

18.

कोई फर्क नहीं पड़ता अगर दिल में अरमान बहुत हैं,
अभी तो शुरुआत भर है जिंदगी में इम्तिहान बहुत हैं।

पढ़िए :- जीवन के संघर्ष की शायरी।

‘ इम्तिहान शायरी ‘ के इस शायरी संग्रह में अगर आपको सच्चाई नजर आयी तो अपने विचार हम तक कमेंट बॉक्स के जरिये जरूर पहुंचाएं।

धन्यवाद।

ये रचनाएँ भी पढ़े..



अच्छा लगा? तो क्यों ना लाइक और शेयर करे..!
Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

You may also like...

प्रातिक्रिया दे

हमें ख़ुशी है की हमारे लेख के बारे में आप अपने विचार देना चाहते है, परन्तु ध्यान रहे हम सारे कमेंट को हमारे कमेंट पालिसी के आधार पर स्वीकार करते है।