भारत भूमि के बारे में 10 प्रसिद्ध हस्तियों की प्रसिद्ध राय जानिये

10 प्रसिद्ध हस्तियों की भारत भूमि के बारे में प्रसिद्ध राय

10 प्रसिद्ध हस्तियों की भारत भूमि के बारे में प्रसिद्ध राय

1. अलबर्ट आइन्स्टीन –

Einstein

हम भारत भूमि के बहुत ऋणी हैं, जिसने हमें गिनती सिखाई, जिसके बिना कोई भी सार्थक वैज्ञानिक खोज संभव नहीं हो पाता।


2. रोमां रोलां (फ्रांस) –

Romain Rolland

मानव ने आदिकाल से जो सपने देखने शुरू किये, उनके साकार होने का इस धरती पर कोई स्थान है, तो वो है भारत भूमि ।


3. हू शिह (अमेरिका में चीन राजदूत)-

Hu_Shih

सीमा पर एक भी सैनिक न भेजते हुए भारत ने बीस सदियों तक सांस्कृतिक धरातल पर चीन को जीता और उसे प्रभावित भी किया।


4. मैक्स मुलर-

Max_Muller

यदि मुझसे कोई पूछे की किस आकाश के तले मानव मन अपने अनमोल उपहारों समेत पूर्णतया विकसित हुआ है, जहां जीवन की जटिल समस्याओं का गहन विश्लेषण हुआ और समाधान भी प्रस्तुत किया गया, जो उसके भी प्रसंशा का पात्र हुआ जिन्होंने प्लेटो और कांट का अध्ययन किया, तो मैं भारत भूमि का नाम लूँगा।


5. मार्क ट्वेन-

Mark Twain

मनुष्य के इतिहास में जो भी मूल्यवान और सृजनशील सामग्री है, उसका भंडार अकेले भारत में है।


6. हेनरी डेविड थोरो –

Henry_David_Thoreau

प्रातः काल मैं अपनी बुद्धिमत्ता को अपूर्व और ब्रह्माण्ड व्यापी गीता के तत्वज्ञान से स्नान करता हूँ, जिसकी तुलना मेंहमारा आधुनिक विश्व और उसका साहित्य अत्यंत क्षुद्रऔर तुच्छ जान पड़ता है।


7. राल्फ वाल्डो इमर्सन –

Ralph Waldo Emerson

मैं भगवत गीता का अत्यंतऋणी हूँ। यह पहला ग्रन्थ है जिसे पढ़कर मुझे लगा की किसी विराट शक्ति से हमारा संवाद हो रहा है।


8. एनी बेसेंट –

Annie Besant

विश्व के विभिन्न धर्मों का लगभग ४० वर्ष अध्ययन करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंची हूँ की हिंदुत्व जैसा परिपूर्ण, वैज्ञानिक, दार्शनिक औरअध्यात्मिक धर्म और कोई नहीं। इसमें कोई भूल न करे की बिना हिंदुत्व के भारत का कोई भविष्य नहीं है।हिंदुत्व ऐसी भूमि है जिसमे भारत की जड़े गहरे तक पहुंची है, उन्हें यदि उखाड़ा गया तो यह महावृक्ष निश्चयही अपनी भूमि से उखड जायेगा।


9. विल्हन वोन हम्बोल्ट-

गीता एक अत्यंत सुन्दर और संभवतः एकमात्र सच्चा दार्शनिक ग्रन्थ है जो किसी अन्य भाषा में नहीं। वह एक ऐसी गहन और उन्नत वस्तु है जिस पर सारी दुनिया गर्व कर सकती है।


10. आर्थर शोपेन्हावर –

विश्व भर में ऐसा कोई अध्ययन नहीं है जो उपनिषदों जितना उपकारी और उद्दत हो।यही मेरे जीवन को शांति देता रहा है, और वही मृत्यु में भी शांति देगा।

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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