कर्तव्य बोध की कहानी : सूर्योदय :- The Brightness once again

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2 लोगो के विचार

  1. जमशेद आजमी says:

    बहुत ही सुंदर और मनोरंजक कहानी। भाई, मुझे कहानियां बहुत पसंद हैं। मैंने बहुत कहानियां लिखी हैं। पर ब्‍लागिंग में इस कदर उलझ गया हूं कि 2012 से कुछ नया लिखा ही नहीं है। ब्‍लाग अपनी मंजिल हासिल कर ले फिर से कहानियां लिखना शुरू करूंगा।

    • Mr. Genius says:

      जमशेद आजमी जी धन्यवाद। ये सब पाठकों के प्रोत्साहन का ही फल है जो हम कहानियां लिख पते हैं।
      आशा करते हैं की आपका ब्लॉग जल्द ही अपनी मंजिल हासिल कर ले।

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