कर्तव्य बोध की कहानी : सूर्योदय :- The Brightness once again

Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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2 लोगो के विचार

  1. जमशेद आजमी says:

    बहुत ही सुंदर और मनोरंजक कहानी। भाई, मुझे कहानियां बहुत पसंद हैं। मैंने बहुत कहानियां लिखी हैं। पर ब्‍लागिंग में इस कदर उलझ गया हूं कि 2012 से कुछ नया लिखा ही नहीं है। ब्‍लाग अपनी मंजिल हासिल कर ले फिर से कहानियां लिखना शुरू करूंगा।

    • Mr. Genius says:

      जमशेद आजमी जी धन्यवाद। ये सब पाठकों के प्रोत्साहन का ही फल है जो हम कहानियां लिख पते हैं।
      आशा करते हैं की आपका ब्लॉग जल्द ही अपनी मंजिल हासिल कर ले।

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