सुकरात के अनमोल वचन | Socrates Best Quotes In Hindi

सुकरात एक यूनानी दार्शनिक थे। जिनका जन्म लगभग 470/469 ईसा पुर्व यूनान के एथेंस में हुआ था।  सुकरात ने कोई ग्रन्थ नही लिखा था उसके आचरण से ही उनके जीवनदर्शन का ज्ञान होता है। जिसे भिन्न भिन्न लेखको ने भिन्न ढंग से प्रस्तुत किया है। इसी सन्दर्भ में सुकरात के प्रसिद्ध अनमोल विचार हम संग्रह करके लाये है। पढ़िए हमारा ये सुकरात के अनमोल वचन और अपने विचार दीजिये।


सुकरात के अनमोल वचन

सुकरात के अनमोल वचन

1. ख़ुशी का रहस्य ज्यादा पाने में नहीं बल्कि थोड़े का आनंद लेने की क्षमता विकसित करने में है।

2. हम उस बच्चे को आसानी से माफ़ कर सकते है जो की अँधेरे से डरता है; लेकिन जीवन की वास्तविक त्रासदी तब है जब आदमी प्रकाश से डरने लग जाए।

3. स्वयं को जानने के लिए स्वयं के बारे में सोचो।

4. ना मैं एथेनियन और न ही एक ग्रीक, बल्कि मैं विशव का एक नागरिक हूँ।

5. आलस्य में जीवन बिताना आत्महत्या के समान है।

6. हर व्यक्ति की आत्मा अमर होती है, लेकिन जो व्यक्ति नेक होते हैं उनकी आत्मा अमर और दिव्य होती है।

7. मूल्यहीन व्यक्ति केवल खाने और पीने के लिए जीते हैं, मूल्यवान व्यक्ति केवल जीने के लिए खाते और पीते हैं।

8. शादी या ब्रह्मचर्य, आदमी चाहे जो भी रास्ता चुन ले, उसे बाद में पछताना ही पड़ता है।

9. अपना समय औरों के लेखों से खुद को सुधारने में लगाइए, ताकि आप उन चीजों को आसानी से जान पाएं जिसके लिए औरों ने कठिन मेहनत की है।

10. झूठे शब्द सिर्फ खुद में बुरे नहीं होते, बल्कि वो आपकी आत्मा को भी बुराई से संक्रमित कर देते हैं।

11. वो सबसे धनवान है जो कम से कम में संतुष्ट है, क्योंकि संतुष्टि प्रकृति की दौलत है।

12. हमारी प्रार्थना बस सामान्य रूप से आशीर्वाद के लिए होनी चाहिए, क्योंकि भगवान जानते हैं कि हमारे लिए क्या अच्छा है।

13. इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो हम होने का दिखावा करते हैं।

14. ज़िन्दगी नहीं, बल्कि एक अच्छी ज़िन्दगी को महत्ता देनी चाहिए।

15. अधिकतर आपकी गहन इच्छाओं से ही घोर नफरत पैदा होती है।

16. जहाँ सम्मान है वहां डर है ,पर ऐसी हर जगह सम्मान नहीं है जहाँ डर है, क्योंकि संभवतः डर सम्मान से ज्यादा व्यापक है।

17. सिर्फ जीना मायने नहीं रखता , सच्चाई से जीना मायने रखता है।

18. हमारी प्रार्थना बस सामान्य रूप से आशीर्वाद के लिए होनी चाहिए, क्योंकि भगवान जानते हैं कि हमारे लिए क्या अच्छा है।

19. एक ईमानदार आदमी हमेशा एक बच्चा होता है।

20. जहाँ तक मेरा सवाल है, मैं बस इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता।

21. मित्रता करने में धीमे रहिये, पर जब कर लीजिये तो उसे मजबूती से निभाइए और उसपर स्थिर रहिये।

22. मृत्यु संभवतः मानवीय वरदानो में सबसे महान है।

23. सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है।

24. झूठे शब्द सिर्फ खुद में बुरे नहीं होते,बल्कि वो आपकी आत्मा को भी बुराई से संक्रमित कर देते हैं।

25. चाहे जो हो जाये शादी कीजिये। अगर अच्छी पत्नी मिली तो आपकी ज़िन्दगी खुशहाल रहेगी। अगर बुरी पत्नी मिलेगी तो आप दार्शनिक बन जायेंगे।

26. मजबूत दिमाग वाले विचारों पर, साधारण दिमाग वाले घटनाओ पर जबकि निम्न दिमाग वाले लोगों पर चर्चा करते हैं।

27. शिक्षा एक लौ जलाने के समान है ना कि एक बहुत बड़ा बरतन भरने के समान।

28. बुद्धि आश्चर्य में शुरू होती है।

29. हर व्यक्ति की आत्मा अमर होती है, लेकिन जो व्यक्ति नेक होते हैं उनकी आत्मा अमर और दिव्य होती है।


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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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4 Responses

  1. MANISH PANDEY कहते हैं:

    KASS HM SUKRAT JI KE IN BACHNO KO APNE ANDER UTAR PATE
    bahut upyogi bat btai hai

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