माँ पर शायरी संग्रह – शायरी माँ के लिए By संदीप कुमार सिंह | Maa Quotes In Hindi

“माँ ” एक शब्द जिसमें सारा संसार व्याप्त है। संसार को चलाने वाली, बच्चों के लिए संसार से लड़ आने वाली, अपनी हर संतान को बराबर प्यार देने वाली, एक इन्सान की पहली गुरु। माँ जो सारी उम्र अपने परिवार के लिए समर्पित कर देती है। लेकिन उसके मन में कभी कोई लालच नहीं आता। अगर कोई लालच होता है तो बस इतना की उसकी संताने हर खुशियों का आनंद लें। हम सब अपनी माँ को बहुत प्यार करते हैं। इसलिए मैं “माँ” को समर्पित यह ‘ माँ पर शायरी संग्रह ” तैयार किया है।

माँ पर शायरी संग्रह

माँ पर शायरी संग्रह

1.
हालातों के आगे जब साथ
न जुबाँ होती है,
पहचान लेती है ख़ामोशी में हर दर्द
वो सिर्फ “माँ” होती है।

2.
मांगने पर जहाँ पूरी हर मन्नत होती है,
माँ के पैरों में ही तो वो जन्नत होती है।

3.
स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थी।

4.
तेरे ही आँचल में निकला बचपन,
तुझ से ही तो जुड़ी हर धड़कन,
कहने को तो माँ सब कहते
पर मेरे लिए तो है तू भगवन।

5.
जब भी बैठता हूँ तन्हाई में मैं तो उसकी यादें रुला देती हैं,
आज भी जब आँखों में नींद न आये तो उसकी लोरियां
मुझे झट से सुला देती हैं।

6.
न जाने क्यों आज अपना ही घर मुझे अनजान सा लगता है,
तेरे जाने के बाद ये घर-घर नहीं खली मकान सा लगता है।

7.
जब भी मेरे होठों पर झूठी मुस्कान होती है,
माँ को न जाने कैसे छिपे हुए दर्द की पहचान होती है,
सर पर हाथ फेर कर दूर कर देती है परेशानियाँ
माँ की भावनाओं में बहुत जान होती है।

8.
गम हो, दुःख हो या खुशियाँ
माँ जीवन के हर किस्से में साथ देती है,
खुद सो जाती है भूखी
पर और बच्चों में रोटी अपने हिस्से की बाँट देती है।

9.
कैसे भुला दूँ मैं अपने पहले प्यार को
कैसे तोड़ दूँ उसके ऐतबार को,
सारा जीवन उसके चरणों में अर्पण कर दूँ
छोड़ दूँ उसकी खातिर मैं इस संसार को।

10.
एक दुनिया है जो समझाने से भी नहीं समझती,
एक माँ थी बिन बोले सब समझ जाती थी।

पढ़िए  :-  न जाने कहाँ तू चली गयी माँ :- माँ की याद में मार्मिक कविता

11.
उसकी दुवाओं में ऐसा असर है कि सोये भाग्य जगा देती है,
मिट जाते हैं दुःख दर्द सभी, माँ जीवन में चार चाँद लगा देती है।

12.
माँ ने तो उम्र भर संभाला ही था
हमें तो जिंदगी ने रुलाया है,
कहाँ से पड़ती काँटों की आदत हमें
माँ ने हमेशा अपनी गोद में सुलाया है।

13.
उसके रहते जीवन में कोई गम नहीं होता,
धोखा भले ही दे-दे ये दुनिया
पर माँ का प्यार कभी कम नहीं होता।

14.
न जाने क्यों आज के इंसान इस बात से अनजान हैं,
छोड़ देते हैं बुढ़ापे में जिसे वो माँ तो एक वरदान है।

15.
उसके आँचल में मुझे बहुत सुकून मिलता है,
जिंदगी खुशनुमा लगती है जीने का जुनून मिलता है।

16.
बिन बताये वो हर बात जान लेती है,
माँ तो माँ है
मुस्कुराहटों में गम पहचान लेती है।

17.
जब भी गंदा होता हूँ मैं वो साफ़ कर देती है,
अपनी हर संतान के साथ इन्साफ कर देती है,
नाराज होना तो फितरत होती है औलादों
माँ से जब भी माफ़ी मांगो हर खता माफ़ कर देती है।

पढ़िए :- माँ की याद में रुला देने वाली शायरी

18.
जन्नत है माँ के पैरों में क्यों छोड़ कहीं और जाऊं मैं
मेरे सिर पर साया बना रहे हर पल बस यही मनाऊं मैं।

19.
आजमा कर देखा जब जग में औरत कब बनती महान है,
भगवान से भी वो लड़ सकती इतनी प्यारी संतान है।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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23 Responses

  1. papuram says:

    Maa ke bina nahi reh Sakte Se Hai Main Kaun

  2. दुर्भाग्यवश, शिक्षा के मामले में हमारा दृष्टिकोण असंतुलित है। हम सारा जीवन बाहरी संसार का ज्ञान पाने में तथा दूसरे लोगों के जीवन में ताक झाँक करने में लगा देते हैं। पर खुद के बारे में तथा अपने आतरिक संसार के बारे में जानने का कभी प्रयास नहीं करते।

    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh says:

      Balwant Singh जी अगर ऐसा हो जाये तो जीवन कितना आनंदमयी हो जाएगा। बस परेशानी ये है कि हर कोई ऐसा नहीं सोचता।

      • Sumit Singh Chauhan says:

        Bahut hi Sarahniya prayas h Sandeep ji. Apka ye blog Mamta or maa k prati logo ki tiraskrit bhawnao ko sudharne ka b kaarya kar raha hai. Mamta bhari maa ka saya ap or hum sab par hamesha bane rahe. Ap uhi likhte jaiye or mamta ko or b pravahit kijiye. Hamari shubhkamnaye apke sath hai. Love you maa.
        Regards
        Aaryan Thakur(Mahi)

        • धन्यवाद सुमित जी। बस आप जैसे पाठक ही हमारी ऊर्जा हैं। जो हमे लिखने के लिए प्रेरित करती है। इसी तरह हमारे साथ बने रहें। धन्यवाद।

  3. shri raj says:

    Kay baat hai….meri bhavnaon ko sandeep ji ne shabdo me piroya hai……great great creation shall be one of best on MAA….sandeep is chhipe rustam,he has potential to become GULZAR

    • श्री राज जी ये तो आपका बड़प्पन है। वर्ना कहाँ गुलजार जी और कहां हम। गुलजार जो तो खुद हमारे प्रेरणास्त्रोत हैं। सराहना के लिए धन्यवाद।

  4. saloni Kashyap says:

    Very nice
    …. and I am always with my mamma

  5. Rajkumar says:

    माँ सबकी जगह ले सकती है।परंतू माँ की जगह कोइ नहीं ले सकती है

  6. Sudhakar Gupta says:

    बिना कहे जो सुन लेती है वो है माँ,
    बिना देखे जो देख लेती है वो है माँ,
    माँ से कुछ छुप नहीं सकता दोस्तों,
    सारी तकलीफें छुपाकर बनती है माँ….
    #माँ

  7. Ajitesh Somvanshi says:

    Aap ki likha padh kar aksar rona aa jata h sir kya magical likhtey h aap
    Miss uh maa?

  8. Birendar says:

    माता पिता पर दो शब्द कहे सरमाता पिता का हमारे जीवन में क्या महत्व है?

  9. Pratima kumari says:

    I love my mom

  10. Pratima kumari says:

    Bhagvan mere mom dad ko hamesha khush rakhna kyoki vo mujhe hamesha khush rakhte h

  11. Yogendra Sharma says:

    Jai Ho mamy ji ki

  12. Suraj surya says:

    बहुत ही अच्छी रचना लिखा है आपने

  13. sp says:

    Nice shayari bhai

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