देशभक्ति सुविचार :- देश भक्ति पर आधारित 10 अप्रतिम उद्धरण

देशभक्ति एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही शरीर में एक अजीब सी हलचल होने लगती है। उत्साह की एक भावना मन में अपने आप आ जाती है। कहीं राष्ट्रगान की धुन भी बजती है तो मन उसकी ओर अपने आप आकर्षित हो जाता है और कदम खुद-ब-खुद थम जाते हैं। हर इंसान में देशभक्ति की भावना जन्म के साथ ही आ जाती है। ये किसी को सिखाई नहीं जा सकती। ये तो हमारे व्यव्हार में है। हमारे लहू में है। आइये जगाते हैं उस देशभक्ति की भावना को ये देशभक्ति सुविचार पढ़ कर :-

देशभक्ति सुविचार

देशभक्ति सुविचार

1. देशभक्ति मात्र एक शब्द नहीं, एक भावना है। जिससे जुड़ जाने पर इंसान अपने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान भी देने से भी पीछे नहीं हटता।

2. देशभक्ति एक जज्बा है जो हमें दुश्मनों से अपना देश बचाने के लिए प्रेरित करता है। फिर वह दुश्मन चाहे सरहद के उस पार का हो या इस पार का।

3. देशभक्ति एक प्रेम की तरह है। जिसमे अपनी धरती माँ सबसे प्यारी लगती है और जिन्दगी के बाद इसी की गोद में सो जाने की चाहत बाकी रहती है।

4. यदि इंसान में देशभक्ति की भावना न होती तो भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर जैसे देशभक्तों से शायद हम अनजान ही रह जाते।

5. अपने कार्य पूरी इमानदारी से और इंसानियत के भले के लिए करना भी देशभक्ति का एक रूप है।

6. एक देश तुम्हें नागरिकता प्रदान करता है तो तुम्हारा भी यह फर्ज है कि एक जिमीदार नागरिक की तरह देशहित में काम करो।

7. लापरवाह और भ्रष्ट होने से पहले एक बार सोचिये अगर सरहद पर खड़े जवान 10 मिनट के लिए सरहद खाली कर दें तो देश का क्या होगा? देशभक्त होना और बात है। देशभक्ति निभाना और बात। अगर देश के जवान सरहद पर हमारी रक्षा कर रहे हैं तो हमारा फर्ज बनता है हम देश को भ्रस्तचार, अपराध और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से बचाएं।

8. देश तभी मजबूत बन पायेगा जब हमारी सोच मजबूत होगी। जब हमारा मन और तन दोनों स्वस्थ होंगे। पहले स्वयं को और औरों को मजबूत बनाइये देश खुद-ब-खुद मजबूत हो जायेगा।

9. देश को आगे बढ़ाना है तो सभी बच्चों को शिक्षित कीजिये। देश को वो खुद संभल लेंगे।

10. जंग के मैदान में एक फौजी की जंग कुछ पाने के लिए नहीं अपना देश और उस देश में रहने वाले उसके अपनों को बचाने के लिए होती है। इसे ही विजय कहते हैं। इसे ही देशभक्ति कहते हैं।

ये थे कुछ देशभक्ति सुविचार । अगर इन्हें पढ़ कर आपके मन में भी कोई विचार आया हो तो कमेंट बॉक्स में लिखने का कष्ट अवश्य करें।

धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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