नशा मुक्ति स्लोगन by संदीप कुमार सिंह | Nasha Mukti Slogan in Hindi

हमारे देश में नशे की समस्या दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है। युवा पीढ़ी नशे का ज्यादा शिकार हो रही है। इसे रोकने के लिए बहुत सारे प्रयास किये जा रहे हैं। नशे के विरुद्ध हमारी अवाज को मजबूत करने का ये छोटा सा प्रयास स्वरुप हमने नशा मुक्ति स्लोगन हमारे पाठको के लिए प्रस्तुत किये है।

नशा मुक्ति स्लोगन | Nasha Mukti Slogan

nasha mukti slogan

1. हर दिल की अब ये है चाहत
नशा मुक्त हो मेरा भारत।

2. ज्ञान हमें फैलाना है,
नशे को मार भगाना है।

3. जब जागेगी ये आत्मा,
होगा तभी नशे का खात्मा।

4. नशे को छोड़ो, रिश्ते जोड़ो।

5. नशा जो करता है इंसान
कभी न उसका हो कल्याण,
उसको त्यागें हैं सब प्राणी
जल्द ही मिलता है श्मशान।

6. चारों तरफ है हाहाकार
बंद नशे का हो बाजार।

7. ये जो बिगड़ी दिशा दशा है आज,
नशे का सारा ये है काज।

8. कहीं न नशेड़ी दिखने पाये,
नशा न अब यहाँ टिकने पाये।

9. उम्मीद न कोई आशा है
अब चारों और निराशा है,
बर्बाद तुम्हें ये कर देगा
नशे की यही परिभाषा है।

10. दिल पे नशा ये भारी है,
सबसे बड़ी बीमारी है।

11. यही संदेश सुबह और शाम,
नशा मुक्त हो अब आवाम।

12. भारत की संस्कृति बचाओ
अब तो नशे पर रोक लगाओ।

13. नशे की छोड़ो रीत सभी
ख़ुशी के गाओ गीत सभी।

14. घर-घर में सबको जगाना है
हमें देश इक नया बनाना है,
हो जाये तंदरुस्त अब भारत
नशे को दूर भगाना है।

15. नशेड़ियों के नशे भागो, नशेड़ियों को नहीं।

16. कुछ पल का नशा, सारी उम्र की सजा।

17. खुद बिगड़े हो तुम जो अब तो
बच्चों को क्या सिखलाओगे,
खुद जो करने लगे नशा हो
उनको कैसे बचाओगे?

18. देख लो कैसा कलयुग आया
माया में ही सब भ्रमित हैं,
ऐसी नशे की लत ये देखो
विष में दिखता अब अमृत है।

19. परिवार पर अपने दो अब ध्यान,
नशे की लत का करो समाधान।

20. नशे की लत जो जारी है
ये बहुत ही अत्याचारी है,
मेले लगते हैं श्मशानो में
आज इसकी तो कल उसकी बारी है।

पढ़िए – नशा मुक्ति अभियान को समर्पित स्लोगन भाग 2

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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3 Responses

  1. ओमकार मणि कहते हैं:

    बहुत प्रेरक ये स्लोगन हैं।
    मै नशे पर एक समाचार लेख तैयार कर रहा हूँ।
    उसमे एक दो घोष वाक्य प्रयोग करूँगा

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