मंजिल तो मिल ही जायेगी – रुकी रुकी सी जिंदगी के लिए मोटिवेशनल कविता इन हिंदी

जब जिंदगी में कठिनाइयाँ और परेशानियाँ अपना घर बना लेती हैं तो न जाने क्यों हम इतनी खूबसूरत जिंदगी के महत्व को न समझ कर उन परेशानियों को अपने ऊपर हावी होने देते हैं। जबकि हमें इन सब से विचलित न होते हुए निरंतर जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए। मंजिल भले ही दूर हो लेकिन एक-एक छोटे कदम से एक दिन रास्ते जरूर ख़तम हो जाते हैं। जरूरत होती है तो बस एक कदम बढ़ने की जो जब चले तो बिना मनिल पर पहुंचे कभी रुके नहीं। इसी पहले कदम को बढाने के लिए प्रेरित करने के लिए हमने ये कविता लिखी है :- ‘मंजिल तो मिल ही जायेगी ‘आशा करर्ते हैं आपको यह कविता जरूर कुछ प्रेरणा देगी। आइये पढ़ते हैं :-

मंजिल तो मिल ही जायेगी

मंजिल तो मिल ही जायेगी

यूँ ही ख्यालों से न टकराओ
बेवजह न अपना समय गवाओं
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढ़ाओ।

ये धरती तुम्हारी है, ये गगन तुम्हारा है
तुम्हारा हौसला ही तुम्हारा सहारा है,
छोड़ सोच परेशानियों की तुम जरा मुस्कुराओ
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढाओ।

बढ़ते वही जो चलते हैं
लगा दें जान तो पहाड़ भी हिलते हैं,
उठा लो हल अब मेहनत का
बंजर किसमत पर सफलता की फसल उगाओ,
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढ़ाओ।

गिर जाओ जो राहों में
तो उठ खड़े तुम फिर होना,
मतलबी इस दुनिया में न मदद को
हाथ कभी तुम फैलाओ,
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढ़ाओ।

वक़्त की आंधियां, दुःखों के तूफान
जो तुम्हें करें कभी परेशान या
फंस जाओ कभी जीवन के कीचड़ में
तो फिर तुम कमल बन खिल जाओ,
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढ़ाओ।

मत कोसना किसी और को
गर हालात ये बदतर हो जाएं,
ये फल है तुम्हारे कर्मों का
कर नेक काम हालात हक़ में लाओ,
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढ़ाओ।

है दूर सही पर है तो सही
कैसे मिल जाए जो खड़ा वहीं,
पाकर मुकाम अब अपना तुम
इस जग पर तुम छा जाओ,
मंजिल तो मिल ही जायेगी
तुम जरा अपने कदम तो बढ़ाओ।

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आशा करते हैं आपको इस कविता से प्रेरणा मिली हो और आप जिंदगी को नए नजरिये से देखें। आप अपने विचार कमेंट बॉक्स के जरिये हम तक जरूर पहुंचाएं। धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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6 Responses

  1. HindIndia says:

    बहुत ही बढ़िया poem लिखा है आपने। ……..Share करने के लिए धन्यवाद। 🙂 🙂

  2. Pramod Kharkwal says:

    Very nice poem.. thanks for sharing

  3. anjum says:

    Very nice poem sandeep….. Good job.. Write Carry on ur poem

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