मजेदार सवाल जवाब – एक सीख देती मजेदार और रोचक इंटरव्यू

हम जिंदगी में सफलता पाने के लिए कई बार वो करते हैं जो हम सही ढंग से नहीं कर सकते। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम “दुनिया क्या कहेगी?” इस बारे में सोचते हुए जिंदगी निकाल देते हैं। लेकिन इसके स्थान पर अगर हम वो काम करें जो हम कर सकते हैं तो हम जल्द ही सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस सोच से भी आगे की सोच को जाहिर करता हुआ एक मजेदार सवाल जवाब इंटरव्यू हम आपके लिए लेकर आये हैं। आइये आनंद लेते हैं इस मजेदार सवाल जवाब का :-

मजेदार सवाल जवाब – एक रोचक इंटरव्यू

मजेदार सवाल जवाब

इंटरव्यूवर :- अपने बारे में बताएं।
कैंडिडेट :- मैं रामेश्वर कुलकर्णी हूँ। मैंने बबनराव ढोले पाटिल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से टेलीकम्यूनिकेशन में इंजीनियरिंग की है।

इंटरव्यूवर :- बबनराव ढोले पाटिल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी? मैंने इस कॉलेज का नाम पहले कभी नहीं सुना!
कैंडिडेट :- पता था मुझे सर! आप ऐसा बोलोगे, मैंने खुद एडमिशन लेने से पहले इस कॉलेज के बारे में कभी नहीं सुना था।
हुआ क्या कि – वर्ल्ड कप होने की वजह से बारहवीं में मेरे नंबर कम आये। मुझे एक कॉलेज में पैसे देकर सीट मिल रही थी। पर मेरे पिता जी ने कहा ( मैं उन्हें “बाप” कहना पसंद करता हूँ ) :-
“मैं तुम्हारी पढ़ाई पर ज्यादा पैसे नहीं लगा सकता।“ (बाप ने असल में कहा था कि :- मैं तुम्हारे ऊपर पैसे बर्बाद नहीं करूँगा) इसलिए मुझे ये कॉलेज ज्वाइन करना पड़ा। साफ़ बताऊँ तो मुझे लगता है कि बबनराव ढोले पाटिल नाम क्षेत्रीय महाविद्यालय से सम्बंधित हो सकता है।

इंटरव्यूवर :- ठीक है, ठीक है। ऐसा लगता है कि इंजीनियरिंग खत्म करने में ही आपको 6 साल लग गए।
कैंडिडेट :- बात ऐसी है कि मैंने इसे 4 साल में ख़त्म करने की कोशिश की थी। पर क्या बताऊँ , ये क्रिकेट मैच, फुटबॉल वर्ल्ड कप और टेनिस टूर्नामेंट। एकाग्रता बनानी कितनी मुश्किल है सर। इसी वजह से तो मैं दूसरे और तीसरे साल में फेल हो गया। ऐसे मुझे कुल मिलाकर 4+2= 7 साल लग गए।

इंटरव्यूवर :- लेकिन 4+2 तो 6 होते हैं।
कैंडिडेट :- ऐसा क्या ? आप जानते हैं मैं हमेशा मैथ में गलती कर देता हूँ । लेकिन मैं इसे दिमाग में रखने की कोशिश करूँगा। 4+2 = 6 होता है, सही है, धन्यवाद। ये क्रिकेट मैच परीक्षाओं पर बहुत प्रभाव डालते हैं…..मेरे ख्याल से इन पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

इंटरव्यूवर :- जानकर अच्छा लगा, आप चाहते हैं कि क्रिकेट मैच पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
कैंडिडेट :- नहीं, नहीं….मैं तो परीक्षाओं की बात कर रहा हूँ !!

इंटरव्यूवर:- ठीक है, जिंदगी में आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है ?
कैंडिडेट :- जाहिर सी बात है, मेरा इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करना। मेरी माँ ने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं इसे पूरा कर सकूँगा। जब मैं तीसरे साल फेल हुआ था, माँ कुछ रिश्तेदारों की मदद से BEST ( Bus corporation in Maharashtra ) में मेरे लिए नौकरी तलाश रही थीं।

इंटरव्यूवर:- क्या आपका उच्च शिक्षा प्राप्त करने का कोई विचार है।
कैंडिडेट :- हाहाहाहा…… क्या आप मजाक कर रहे हैं ? “निम्न” (Lower) स्तर की शिक्षा प्राप्त करना ही काफी दुखदायक रहा मेरे लिए।

इंटरव्यूवर:- चलो अब टेक्निकल बातें करते हैं। आप ने किस प्लेटफॉर्म(Level) पर काम किया है ?
कैंडिडेट :- ह्म्म्म्म, मैं SEEPZ में काम करता हूँ, इसलिए आप कह सकते हैं की इस समय मैं अँधेरी प्लेटफॉर्म(rly.stn.) पर काम कर रहा हूँ। पहले मैं वाशी सेंटर पर था। इसलिए तब वाशी मेरा प्लेटफार्म था। जैसा कि आप देख सकते हैं की मुझे अलग-अलग प्लेटफार्म का अनुभव है! (वाशी और अँधेरी मुंबई में जगहों के नाम हैं)

इंटरव्यूवर:- और आप कौन सी भाषा(comp. Language) इस्तेमाल करते थे ?
कैंडिडेट :- मराठी हिंदी, अंग्रेजी। वैसे मैं जर्मनी, फ्रेंच, रुसी और भी कई भाषाओ में चुप रह सकता हूँ।

इंटरव्यूवर:- VB से VC बेहतर क्यों है ??
कैंडिडेट :- ये तो कॉमन सेन्स की बात है सर :- C हमेशा B के बाद आता है। इसलिए VB से VC बड़ा है। मैंने सुना है की जल्दी ही एक नई भाषा VD भी आ रही है।

इंटरव्यूवर:- क्या आप असेम्बली लैंग्वेज(Assembly Language) के बारे में कुछ जानते हैं ?
कैंडिडेट :- मैंने इसके बारे में सुना तो नहीं है। लेकिन जहाँ तक मेरा अंदाजा है ये वो लैंग्वेज है जो हमारे MP और MLA असेम्बली में प्रयोग करते हैं।

इंटरव्यूवर:- आपका जनरल प्रोजेक्ट का क्या अनुभव है ?
कैंडिडेट :- प्रोजेक्ट के बारे में मेरा अनुभव इतना है कि :- ज्यादातर वो पाइपलाइन में ही मिलते हैं।

इंटरव्यूवर:- क्या आप अपनी मौजूदा नौकरी के बारे में बता सकते हैं ?
कैंडिडेट :- जरूर, इस समय मैं बाटा इन्फो टेक(BIL – Bata info tech) में काम कर रहा हूँ। BIL ज्वाइन करते समय मैं बेंच(Bench) पर था। BIL ज्वाइन करने से पहले मुझे लगा था की बेंच(Bench) Windows की तरह कोई दूसरा सॉफ्टवेयर है।

इंटरव्यूवर:- क्या तुम्हारे पास कोई प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव है ?
कैंडिडेट :- नहीं, पर मुझे लगता है की ये ज्यादा मुश्किल नहीं होना चाहिए। मुझे Word और Excel आता है। मैं बहुत सी बातें कर सकता हूँ। मैं जानता हूँ की इंटरनेशनल फ़ोन कॉल कैसे करते हैं और स्पीकर कैसे इस्तेमाल करते हैं। और सबसे जरूरी बात मुझे कुछ शब्द ऐसे आते हैं जैसे – ‘Showstoppers ‘ , ‘hot fixes’, ‘SEI-CMM’, ‘quality’, ‘version control’, ‘deadlines’ , ‘Customer Satisfaction’ आदि। और मैं बहुत होशियारी से अपनी गलतियों के लिए दूसरों पर इल्जाम लगा सकता हूँ।

इंटरव्यूवर:- आपको हमारी कंपनी से क्या उम्मीदें हैं ?
कैंडिडेट :- ज्यादा कुछ नहीं
1. मुझे 40,000 मेरे हाथ में मिलने चाहिए।
2. मैं एक Live EJB प्रोजेक्ट पर काम करना चाहूँगा। लेकिन इसकी कोई समय सीमा नहीं होगी। मुझे लगता है कि इस तरह का दबाव टैलेंट पर गलत प्रभाव डालता है।
3. मैं समय के बदलाव में विश्वास रखता हूँ।
4. ड्रैस कोड मौलिक आज़ादी( basic freedom) के खिलाफ है इसलिए मै जीन्स और टी-शर्ट पहन कर आऊंगा।
5. शनिवार और रविवार को छुट्टी होनी चाहिए। मैं बुधवार को भी छुट्टी करने की सलाह दूंगा, ताकि ज्यादा काम करने से किसी को परेशानी ना हो जाये।
6. मैं साल में 3 बार 1-2 महीने के लिए काम के सिलसिले में विदेश जाना चाहूँगा। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जाने का मौका मिले तो और अच्छा होगा। लेकिन अगर देखा जाये तो चीन में ओलंपिक गेम्स होने वाले हैं। अगर आप मुझे उस दौरान वहां भेजेंगे तो मुझे कोई परेशानी नहीं है।
अब आप देख ही चुके हैं की मैं कितना संकोची हूँ और मुझे कुछ ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। तो क्या मैं अपनी सिलेक्शन पक्की समझूँ।

इंटरव्यूवर:- हाहाहाहाहा….. हमारी कंपनी में दिलचस्पी दिखने के लिए धन्यवाद। आज तक मुझे कभी इतना मजा नहीं आया। INFOSYS में आपका स्वागत है।

उस आदमी को HRD of Infosys में नए बने सेक्शन “Stress management” में नौकरी दे दी गयी।

(स्रोत- अज्ञात from इन्टरनेट)

नटवर लाल – The Conman Of The Century


इसलिए जिंदगी में सिर्फ Excellence की ही जरुरत नहीं होती। इंसान के अंदर Unique Quality भी सफलता दिला सकती है। किसी और की नकल करने के बजाये आप उस क्षेत्र में मेहनत करो जिसमें आप आगे बढ़ सकते हो।
जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए खुद पर विश्वास होना सबसे ज्यादा जरूरी है। आशा करते हैं की आपने इस मजेदार सवाल जवाब से कुछ न कुछ जरूर सीखा होगा। इस बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें।
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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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3 लोगो के विचार

  1. जमशेद आज़मी says:

    वाह, बहुत ही बेहतरीन इंटरव्‍यू प्रस्‍तुत किया है। बहुत ही सार्थक लेखन का प्रतीक बन पड़ा है आपका यह इंटरव्‍यू। बहुत ही बढि़या।

  2. जमशेद आज़मी says:

    भाई, आपका कमेंट बॉक्‍स ईमेल पर आधारित हैै। इसे ईमेल + वेबसाइट URL पर आ‍धारित होना चाहिए। आपकी वेबसाइट पर किया गया कमेंट, ब्‍लागर्स को बैक लिंक्‍स की सुविधा नहीं देता। जिस तरह मैं आपकी वेबसाइट पर आया हूं। मैं भी चाहूंगा कि मेरी साइट पर भी लोग आपकी वेबसाइट पर किए गए मेरे कमेंट के जरिए आएं। जोकि फिलहाल तो संभव नहीं दिख रहा हैै। अपने कमेंट बॉक्‍स को थोड़ा उन्‍नत बनाएं। यह बॉक्‍स ट्रेफिक इन्‍क्रीज करने के बहुत काम आता है। ऐसा करने से आपको तो फाएदा होगा ही, अन्‍य लोगों को भी लाभ मिलेगा।आशा है कि अगली बार मुझे यूआरएल के साथ कमेंट करने की सुविधा जरूर मिलेगी।

    • जमशेद आजमी जी, असुविधा के लिए हमें खेद है, और आपके फीडबैक के लिए आपका शुक्रिया, पहले हमें लगता था की URL Field के कारण बहुत लोग अपने विचार नही दे पाते, इसलिए हमने URL Field कमेंट सेक्शन से हटा दिया था। पर अब जैसा की आप जैसे हमारे पाठको का फीडबैक मिल रहा है, तो जल्द ही हम URL Field को पुनः कमेंट सेक्शन में जोड़ देंगे। और जैसा की आप जानते है हमारा ये वेबसाइट डिजाईन का कार्य अबतक पूरा नही हुआ है, हम लगातार इसे सुधारने और उन्नत की कोशिश कर रहे है।

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