माँ पर दोहे :- मातृ दिवस पर विशेष रचना | Mother’s Day Couplets In Hindi

इस बार माँ के बारे में कुछ भी नहीं कहूँगा। क्योंकि अब मेरे पास शब्द कम पड़ चुके हैं। तो आइये इस बार सीधी ये रचना ‘ माँ पर दोहे ‘ पढ़ते हैं।

माँ पर दोहे

माँ पर दोहे

स्वप्न तजे अपने सभी, संतान का रखे ध्यान।
चिंता करे सबकी सदा, माँ खुद से रहे अनजान।।

सभी किताबें पढ़ भये, मिला एक ही ज्ञान।
सारे इस संसार में, कोई माँ से नहीं महान।।

बाहर जो ढूँढत फिरे, इस बात को ले तू जान।
माँ के रूप में वास करें, घर में ही भगवान्।।

स्वयं की हालत पर कभी, उसे न होत मलाल।
हर क्षण यही मन में रहे, सुखी रहे मेरा लाल।।

बेटे को सभी खिला दिये, जो बचे निवाले चार।
खाली पेट ही सो गयी, ऐसा है माँ का प्यार।।

स्वर्ग है उसके चरणों में, माँ है जिसका नाम।
माँ ही सारे तीरथ जग के, माँ ही है चारों धाम।।

मेरी सारी वो गलतियां, वो पल में जाती भूल।
माथे तिलक लगाऊं मैं, माँ के चरणों की धूल।।

थकती न है वो कभी, कितना भी हो जाये काम।
परिवार सुखी बस देखकर, माँ को मिलता आराम।।

माँ की कदर जो न करे, सो नरक का भागी होय।
कीमत उससे माँ की पूछिए, जो बैठा है माँ को खोय।।

माँ से है रिश्ते सभी, माँ से है घर बार।
माँ ही देवी रूप है, माँ ही हर त्यौहार।।

रिश्ते हैं जग में कई, माँ सामान नहीं कोय।
जो न माँ की सेवा करे, बड़ा अभागा होय।।

सौ जन्म में भी न चुके, इतने माँ के उपकार।
माँ की सेवा जो करे, उसका हो जाए उद्धार।।

माँ ही शिक्षक, वैद्य भी, माँ है देवी अवतार।
जितना कहो कम पड़े, माँ की महिमा अपार।।

माँ जो तेरे घर में है, फिर काहे तू रोय।
माँ के आशीर्वाद से, काम सफल सब होय।।

घूम के सारा देख लिया, मैंने ये संसार।
माँ से बढ़ कर न करे, कोई भी इस जग में प्यार।।

ठंडी छाया वो बने, जो जीवन में कड़ी हो धूप।
काम वो सभी संवार दे, माँ भगवान् का दूजा रूप।।

चुप-चाप ही सब सह जात है, न कहती दिल की बात।
परिवार से रहता है जुड़ा, सदा माँ का हर जज्बात।।

कितने भी बड़े हो जाइए, लो कितना भी धन जोड़।
जहाँ मिले सुकून वो, स्थान है माँ की गोद।।

घर तो माँ से होत है, वर्ना रहे मकान।
सन्नाटा ऐसा रहे, मानो हो श्मशान।।

संत-साधू कितने हुए, दुनिया करे जिनका गुणगान।
उनको जिसने जन्म दिया, वो माँ है सबसे महान।।

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धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उम्मीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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