झूठी दुनिया के झूठे लोग – संदीप कुमार सिंह का शायरी संग्रह

Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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2 लोगो के विचार

  1. वाह क्‍या बात है, एक से बढ़ कर एक रचनाओं की प्रस्‍तुति। आपकी इस रचना के माध्‍यम से मुझे झूठ नगर की अजब गजब दुनिया से रूबरू होने का मौका मिला। इसके लिए आपका धन्‍यवाद।

    • Mr. Genius says:

      धन्यवाद जमशेद आज़मी जी,
      आप जैसे पाठकों का प्यार ही है जिसके कारण मैं यह सब लिख पता हूँ। इसी तरह प्यार बरसाते रहिये। जिस से हम और सुन्दर लखनी का प्रदर्शन कर सकें।
      धन्यवाद।

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