पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारियाँ | Interesting Facts About Earth In Hindi

हमारे सौर मंडल में 9 ग्रह हैं। हर ग्रह कि अपनी खूबियाँ हैं। लेकिन इन सब में हमारी धरती ही ऐसी है जिसके गुण बाकी ग्रहों से ज्यादा अच्छे हैं। धरती पर पानी की  मौजूदगी से ही यहाँ पर जीवन का अस्तित्व है। धरती को पृथ्वी भी कहा जाता है। आज हम आप लोगो के लिए पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारियाँ लेकर आये है।

पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारियाँ

पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारियाँ

1. पृथिवी अथवा पृथ्वी का नाम पौराणिक कथा पर आधारित है जिसका संबंध महाराज पृथु से है। अन्य नाम हैं – धरा, भूमि, धरित्री, रसा, रत्नगर्भा इत्यादि। अंग्रेजी में Earth (अर्थ) और लेटिन भाषा में टेरा।

2. वैज्ञानिकों  के अनुसार पृथ्वी की कुल उम्र 4 .6 अरब वर्ष मानी गई हैं।

3. दुनिया के छह बड़े देश ऐसे हैं जिन्होंने धरती का 40% हिस्सा घेरा हुआ है।

4. रोजाना 4500 बादल पृथ्वी पर गरजते हैं।

5. हर सेकंड पृथ्वी पर कहीं न कहीं 100 बार आसमानी बिजली गिरती है।

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6. सौर मंडल में पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन का अस्तित्व है।

7. पृथ्वी के 29% भाग भू-भाग है और 71% पानी ही पानी है।

8. सूरज को फुटबाल मानने पर हमारी धरती कांच की छोटी गोली की तरह होगी।

9. पृथ्वी पर 97 % पानी खारा है या पीने लायक नहीं है और मात्र  3% ही पीने लायक साफ़ पानी है।

10. सूरज धरती का सबसे पास का तारा है।

11. पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण शक्ति के कारण पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा हो पाना संभव नही है।

12. पृथ्वी पर मापा गया सबसे कम तापमान  – 89. 2  डिग्री सेल्सियस है।

13. सौर मंडल में पृथ्वी आकार में सबसे बड़े ग्रहों में पांचवे स्थान पर आती है।

14. सूर्य का प्रकाश धरती पर पहुँचने में 8 मिनट 18 सेकंड लगते हैं।

15. पृथ्वी अपना एक चक्कर 23 घंटे 56 मिनट और 4 सेकंड्स में पूरा करती है।

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16. सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में धरती को 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है। 6 घंटे जोड़-जोड़ कर जो एक दिन बढ़ता है। वह हर चौथे साल फ़रवरी में जोड़ दिया जाता है। वही फ़रवरी का महीना 29 दिन का होता है।

17. पृथ्वी 1670 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से घूमती है।

18. अगर चन्द्रमा पृथ्वी का उपग्रह नहीं होता तो धरती पर दिन लगभग 30 घंटों का  होता।.

19. धरती पे मौजूद हर जीव में कार्बन जरूर है।

20.  पृथ्वी आकाश गंगा का टैकटोनिक प्लेटों की व्यवस्था  वाला एकमात्र ग्रह है।

21. 1989 में रूस में मनुष्य द्वारा सबसे ज्यादा गहरा गड्ढा खोदा गया था। जिसकी गहराई 12.262 किलोमीटर थी।

22. पृथ्वी के भू-भाग का सिर्फ 11 प्रतीशत हिस्सा ही भोजन उत्पादित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

23. धरती पर हर साल 5 लाख भूकंप आते हैं। इनमें से एक लाख भूकंप सिर्फ महसूस किए जाते हैं जबकि 100 विनाशकारी होते हैं।

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24.  हर वर्ष लगभग 30,000 आकाशीय पिंड धरती के वायुमंडल मे दाखिल होते हैं। पर इनमें से ज्यादातर धरती के वायुमंडल के अंदर पहुँचने पर घर्षण के कारण जलने लगते है जिन्हें कई लोग ‘टूटता तारा’ कह कर पुकारते हैं।

25. माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई समुद्र स्तर से 8850 मीटर है।पर अगर बात करें पृथ्वी के केंद्र से अंतरिक्ष की दूरी की तो हम पाते हैं कि सबसे ऊंचा पर्वत इक्वाडोर का माउंट चिम्बोराजो है। इसकी ऊंचाई 6310 मीटर है।

26. पृथ्वी की एक फोटो 3.7 बिलियन मील की दूरी से ली गयी थी। जिसका नाम ‘पेल ब्ल्यू डॉट’ है। यह अब तक की सबसे अधिक दूरी से ली गई धरती की तस्वीर है।

27. कहते हैं आज से 450 करोड़ साल पहले, सौर्य मंडल में मंगल के आकार का एक ग्रह था। जो कि पृथ्वी के साथ एक ही ग्रहपथ पर सुर्य की परिक्रमा करता था। मगर यह ग्रह किसी कारण धरती से टकराया और एक तो धरती मुड़ गई और दूसरा इस टक्कर के फलस्वरूप जो पृथ्वी का हिस्सा अलग हुआ उससे चाँद बन गया।

28. अंतरिक्ष में मौजूद कचरे का एक टुकड़ा हर दिन पृथ्वी पर गिरता है। यह अनुमान नासा के वैज्ञानिकों ने लगाया है।

29. पृथ्वी पर 1 सेकेंड में 100 बार और हर दिन 80.6 लाख बार आकाशीय बिजली गिरती है।

30. पृथ्वी के केंद्र में इतना सोना मौजूद है जिससे 1.5 फीट की चादर से धरती की पूरी सतह को ढंका जा सकता है।

विश्व पृथ्वी दिवस कब और क्यों?

आज पृथ्वी पर बढ़ते आधुनिकीकरण के कारण प्रदुषण काफी फ़ैल गया है। ग्लोबल वार्मिंग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। अगर यही सब इसी तरह चलता रहा तो पृथ्वी का अस्तित्व संकट में आ जाएगा। इसी कारण पृथ्वी को बचाने कि पहल करते हुए 45 साल पहले 22 अप्रैल के दिन अमेरिका में पहली बार अर्थ डे का सेलिब्रेशन हुआ था। 192 देश इस दिवस को एक साथ मनाते हैं। अमेरिकी सीनेटर गेलार्ड नेल्सन के कारण ही  22 अप्रैल को ही विश्व पृथ्वी दिवस मनाये जाने कि शुरुआत हुयी। उनका पर्यावरण से बहुत लगाव था।

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पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारियाँ आपको यह जानकारी कैसी लगी, हमें जरूर बताएं। आपके प्रतिक्रियाओं का हमे इंतजार रहेगा।  धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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28 लोगो के विचार

  1. kishan says:

    Nice I am intrested reading fact about of arth and galaxy etc.

  2. Gavit Yosef says:

    I am so happy for that information about Erth

  3. Ravvo bansi says:

    Very nice.

  4. Arman says:

    Thank you for give me information earth🤗🤗🤗🤗🤗

  5. Arman says:

    भाई मेरे एक बात समझ नहीं आयी। जब कोई एस्टरॉयड हमारी पृथ्वी पर आता है। तो उस मैं आग क्यों लग जाती है।
    अगर आपके पास समय हो तो मुझे जरूर बाये।
    ये मेरी ईमेल ई डी है। [email protected]

    • कोई भी चीज जब पृथ्वी के ओर आती है, तो उसे पहले पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश करना पड़ता है, और जैसे ही वो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में आता है पृथ्वी उसे अपनी ओर खींचने लगती है, जिससे उस चीज की रफ़्तार हर क्षण बढती ही जाती है और पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित गैसों और दूसरे कणों के साथ उसका घर्षण होने लगता हो जिससे ऊष्मा पैदा होता है, और यही घर्षण और ऊष्मा ही मुख्य वजह है उस लगने वाले आग का.

  6. rakesh kumar jaiswal says:

    very nice and good

  7. golu raj says:

    हमे पढकर अचछा लगा

  8. Sonu yadav says:

    So happy and viry nice information

  9. rakesh Prajapati says:

    Very nice

  10. karan says:

    after 15000 m kai bad kya gravity work nhi krti ya other reason
    please tell me ans

    • Sandeep Kumar Singh says:

      15000m में ग्रेविटी काम करता है लेकिन कम होता है। धरती से जितना दूर जाओगे ग्रेविटी उतनी कम होती जाएगी।

  11. Bajrangi singh says:

    thanks Sandeep bhai Hame pad kar accha laga

    • Sandeep Kumar Singh says:

      बहुत-बहुत शुक्रिया बजरंगी भाई।
      इसी तरह अपना प्यार बरसाते रहें। धन्यवाद।

  12. Asif says:

    Mera ek swal h ki people earth ke ander h yaa upar

    • हम पृथ्वी के ऊपर सतह पर है, हमारे ऊपर जो नीला रंग का आसमान दिखाई देता है वो कुछ और नही सिर्फ हवा का घेरा है, सूर्य की किरण समुद्र से परावर्तित होके वापस वायुमंडल में फ़ैल के उसे नील रंग का कर देता है बस, बाकि हमारे सर के ऊपर अंतरिक्ष है….

  13. dharmendra kr sah says:

    हमे पढ़ने में आनंद आया और हम चाहते है की आप इसी तरह रोचक जानकारी देते रहे
    "धन्यवाद"

    • Sandeep Kumar Singh says:

      Dharmendra Kr sah जी हम इसे कार्य के लिए प्रयासरत हैं। उम्मीद है आगे भी आपको हमारी रचनाएं पसन्द आएंगी।

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