होली पर विचार :- रंग-बिरंगे त्यौहार पर प्यार भरे कुछ अप्रतिम विचार

इस रंग बिरंगी दुनिया में बहुत से त्यौहार मनाये जाते हैं। होली भी उन्हीं त्योहारों में से एक है। होली त्यौहार है रंगों का, प्यार का और बुराई पर अच्छाई की जीत का। आइये पढ़ते हैं इसी त्यौहार में कुछ विचार ‘ होली पर विचार ‘ :-

होली पर विचार

होली पर विचार

1. होली एक अच्छा मौका है होलिका दहन के साथ अपनी बुरी आदतों का भी दहन करने के लिए।

2. होलिका के पास वरदान होने के बावजूद अग्नि में जल जाना इस बात का प्रमाण है कि कई बार बुराई स्वयं ही अपने अंत का कारन बन जाती है।

3. जलती अग्नि में प्रह्लाद का होलिका की गोद में बैठना भक्ति था और उनका बच जाना भक्ति की शक्ति।

4. होली ही एक अवसर है जो कई बिछड़ों को मिलाता है और उन्हें एक नयी शुरुआत का बहाना देता है।

5. होली में किसी को रंग लगाने से ज्यादा अच्छा है किसी की उदास बेरंग जिन्दगी में खुशियों के रंग भरे जाएँ।

6. यदि जीवन में ग़मों का अँधेरा हो तो होली के रंग भी बेरंग लगते हैं। जरूरत रंगों की नहीं प्रकाश की होती है, जिसमें रंगों का अस्तित्व होता है। जिससे रंगों की पहचान होती है।

7. रंग लगाकर अपनापन जताना, रंग लगाकर सब गिले शिकवे भूल जाना, रंग लगाकर ख़ुशी का इजहार करना। होली का तो उद्देश्य ही है सब के जीवन में रंग भरना।

8. अपनों में जब दूरियां बढ़ जाती हैं तो उसे मिटने होली फिर से आती है।

9. होली सिर्फ रंगों का ही त्यौहार नहीं, ये त्यौहार है भाईचारे, अपनेपन और प्यार का।

10. होली पर सबको रंग लगायें, बाकी दिन सबके जीवन में प्यार का रंग भरें।

11. इस होली पर प्रयास करें कि कुदरत में भी रंग बहरे जाएँ, साफ़ रखें आस-पड़ोस और एक पेड़ लगायें।

12. होली के रंग बस रंग ही नहीं होते, इनमें होती हैं कुछ यादें, किसी की कही बातें और होलिका दहन की कुछ बीती हुयी रातें।

13. होली के त्यौहार में बस रंगों का ही नहीं मीठे पकवानों का भी बहुत महत्व है। जो हमे दूसरो के जीवन में प्यार की मिठास भरने के लिए प्रेरित करते हैं।

14. होली पर किसी को रंग लगायें या न लगायें लेकिन किसी की बेरंग जिन्दगी में रंग भरने का प्रयास जरूर करें।

15. बचपन की शैतानियाँ, जवानी की यादें और बुढ़ापे का अहसास, होली के रंगों में जीवन के सारे रंग बस जाते हैं।

रंगों के त्यौहार से सम्बंधित होली पर विचार आपको कैसे लगे? होली के बारे में आप अपने विचार कमेंट बॉक्स में लिख कर हम तक पहुंचाएं।

धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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