Hindi Shayari Collections by ‘Sandeep Kumar Singh’ – 1

Sandeep Kumar Singh Ki Behatarin Hindi Shayari Collection Padhe –

hindi shayari by sandeep kumar

रसूख: Hindi Shayari ‘Rasookh

पतझड़ सी ज़िदंगी
बहारों का रुख देख रही हैै,
गमों के सागर में
किनारों का सुख देख रही है,
भरे शहर में “गुमनाम”
तनहा घूम रहा हूँ मैं,
कर के बर्बाद मुझे
आज मेरा रसूख देख रही है।


तन्हाई: Hindi Shayari ‘ tanhaai’

हर पल दीदार का
इंतजार रहता है,
आंखें भी अब नहीं सोती,
चेहरा उदास है कभी
कभी आँखों से गिरते मोती,
क्या आलम है ये तन्हाई का,
कि मुलाकात तक भी अब
ख्वाबों में नहीं होती।


आशियाना: Hindi Poem ‘Aashiyana’

आशियाना दिल में
किसी की यादों ने बना लिया,
हक उसने अपना
मेरे सब ख्वाबों पे बना लिया,
दौर मुलाकातों का
चलता रहा हर रोज़ ख्यालों में,
हमने भी उसे हमसफर
जज़्बातों का बना लिया।


चाहत: Hindi Shayari  ‘Chahat’

जादू सा है हर अदा में तेरी
हर चेहरे में दीदार तेरा है,
तेरा हुस्न दिल कर गया चोरी
इसमें कसूर क्या मेरा है ?
तमन्ना मेरी है कि तू हो जाए मेरी,
अब तो बिन तेरे हर सपना अधूरा है।


याद: Hindi Shayari ‘Yaad’

खाली वक्त में हम
उन्हें अक्सर
याद किया करते हैं,
तन्हाई जब सताती है
उनके लौट आने की
फरियाद किया करते हैं
जब ज़रिया नहीं मिलता
दर्द बयाँ करने को
ए “गुमनाम”
फिर शायरी से अपनी यादों का
शहर आबाद किया करते हैं।


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Sandeep Kumar Singh

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