Category: Rishto Pe Kavitaayen

दहेज की आग में जलती लाज पर कविता :- बेटी

दहेज की आग में जलती लाज पर कविता :- बेटी

बेटियों पर लिखी रचनाएं इस ब्लॉग पर आपने पहले भी पढ़ी होंगी। ये कविता उन कविताओं से थोड़ी अलग है। मूल रूप से यह कविता पंजाबी में थी। जिसे हमने लेखक की आज्ञा...

बेटी पर मार्मिक कविता

बेटी पर मार्मिक कविता :- बेटी बिन अधूरा संसार और मासूम बेटी की पुकार

समाज में औरतों की कम होती संख्या मानव जीवन के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन सकती है। सोचिये क्या एक समाज बिना औरत के आगे बढ़ सकता है? क्या ये संभव है...

माँ के क़दमों में सारा जहान

माँ के क़दमों में सारा जहान :- माँ पर कविता हिंदी में

इन्सान एक सामाजिक प्राणी है। उसे समाज में बने रिश्तों के ताने-बाने के बीच रहना पड़ता है। इनमे कई रिश्ते बहुत ख़ास होते हैं और कई साधारण लेकिन इनमे एक रिश्ता ऐसा होता...

नानी पर कविता – नानी की तारीफ की कविता

जिंदगी में हम अपने आस-पास कई लोगों को देखते हैं। उम्र के अलग-अलग पड़ाव में उनके चेहरों की अवस्था बदलती रहती है। लेकिन हमारे नाना-नानी और दादा-दादी के चेहरे, जो हम बचपन में...

गजल माँ के लिए

गजल माँ के लिए :- माँजी, अम्मा, आई, माँ | माँ पर गजल हिन्दी मे

ये ” गजल माँ के लिए ” हमें भेजी है छत्तीसगढ़ से अमित शर्मा जी ने। इनकी रचना ” माँ पर कविता इश्क़ु अंदाज में ” हम प्रकाशित कर चुके हैं। जिसमे उन्होंने कविता...