Category: रिश्तों पर कविताएँ

माँ, पिता, भाई, बहन, बेटी, आदि अलग अलह रिश्तों को समर्पित हिंदी कविताएँ। रिश्तों पर कविताएँ

माँ की लोरी कविता :- बचपन की यादें समेटे हुए एक प्यारी सी कविता

बचपन की यादें हमारे साथ सारी जिंदगी रहती हैं। यही वो पल होते हैं जो हमें हर अवस्था में अछे लगते हैं और फिर से उसी बचपन में लौट जाने का दिल करता है।...

गुरु पर कविता :- गुरु का महत्व बताती हिंदी कविता | वही गुरु कहलाता है

गुरु की महिमा का जितना भाखां किया जाए कम है। गुरु एक समाज की नीवं होता है जिसके ऊपर सरे समाज की संरचना टिकी होती है। ऐसा भी कहा जाता है की गुरु भविष्य...

प्यार का मतलब

माँ की दुआ ही सबसे ज्यादा काम आती हैं | माँ की दुआएं हिंदी कविता

इश्वर की सबसे सुन्दर रचना है नारी और नारी रूप में सबसे ज्यादा पूजनीय है ‘माँ।’ माँ की महिमा का बखान तो सारा जग करता है। ऐसा अक्सर कहा जाता है कि भगवन स्वयं...

रिश्ते पर कविता

रिश्ते पर कविता :- शुभा पाचपोर द्वारा लिखी गयी बदलते रिश्तों पर कविता

रिश्ते, जो हमें एक डोर की तरह आपस में बाँध कर रखते हैं। रिश्ते जो हमारे अन्दर जज़्बात पैदा करते हैं। एक परिवार बनाते हैं। जो हमारी जिंदगी को बेहतर बनाते हैं और आगे...

माँ की कोख

माँ की कोख :- शुभा पाचपोर द्वारा लिखी गयी एक ममतामयी कविता

माँ की महिमा को सारा जहां गाता है। माँ पर रचनाएं भी रची गयी हैं। लेकिन जिस प्रकार की रचना आज आपके लिए शुभा पाचपोर जी ने भेजी है। वैसी रचनाएँ बहुत ही कम...

पापा की याद में कविता

पापा की याद में कविता :- खाली कुर्सी देख के पापा | Father’s Day Special

किसी के चले जाने बाद उसकी याद तो साथ ही रहती है। साथ ही उस से जुडी चीजें भी उसकी कमी का अहसास करवाती रहती हैं। वो हमारे दिल के करीब हो जाती हैं।...