Category: प्राकृतिक कविताएँ

प्राकृतिक कविताएँ, प्रकृति की खूबसूरती और रोचकता पर कविताएँ।

ऋतुओ पर कविताएँ, सुबह-शाम की खूबसूरती पर कविताएँ। पक्षियों, पौधों, जीवों पर कविताएँ।

पर्यावरण संरक्षण पर कविता

पर्यावरण संरक्षण पर कविता :- पर्यावरण दिवस पर छोटी कविता | Paryavaran Par Kavita

आज के युग में मानव अपने सुख के लिए धरती माता के साथ बहुत अन्याय कर रहा है। यदि भविष्य में ऐसा ही चलता रहा तो बहुत जल्द मानव का अस्तित्व इतिहास बन कर...

नदी पर छोटी कविता

नदी पर छोटी कविता :- आगे बढ़ना ही जीवन है प्रेरणादायक कविता

आगे बढ़ते रहने का ही नाम जीवन है। यूँ तो हमारे आस-पास कई ऐसी चीजें हैं जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहते हैं। मगर मैं यहाँ पर बात करने वाला हूँ नदी...

धरती पर छोटी कविता

धरती पर छोटी कविता :- आज के युग में धरती माता की कहानी बताती कविता

धरती, जिसे हम माता कह कर बुलाते हैं। लेकिन कभी सोचा है की क्या हम इसे माँ का सम्मान भी देते हैं? आज का इन्सान इतना मतलबी हो गया है कि पर्यावरण को दूषित...

सुबह पर उत्साहवर्धक कविता

सुबह पर उत्साहवर्धक कविता :- सुख का सूरज है निकल रहा

सुबह तो रोज एक जैसी होती है लेकिन जिस दिन हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति का उद्देश्य लेकर उठते हैं। उस दिन की सुबह कुछ खास ही होती है। इस अनुभूति को वही लोग...

वसंत ऋतु की सुबह पर कविता

वसंत ऋतु की सुबह पर कविता :- वसंत की खूबसूरती का वर्णन करती कविता

ऋतु रानी वसंत, सबका मनपसंद मौसम। वो मौसम जब चारों ओर हरियाली रहती है और रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। बसंत के मौसम की हर सुबह देखने लायक होती है। और अगर बात वसंत की...

बसंत पंचमी पर कविता

बसंत पंचमी पर कविता :- बसंत लेकर बहार आयी है और आरम्भ बसंत हुआ

बसंत एक ऐसी ऋतु जो सबके मन को मोह लेती है। बसंत की ऋतु के आरंभ होने वाले दिन को बसंत पंचमी भी कहा जाता है। इस समय नीला आसमान होता है। पीली सरसों...