काले कौए की कहानी – सफ़ेद कौआ हुआ काला | हिंदी लोक कथाएँ

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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उम्मीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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10 Responses

  1. Jagansingh verma says:

    i aap ki kahani ko bahut pasand karta hu thank you

  2. Abhay mukati says:

    Ye kahani aapne kon se state se li hai

    • Sandeep Kumar Singh says:

      मुझे ये कहानी मेरे दादा जी ने सुनाई थी और शायद मैंने कहीं पढ़ी भी थी। लेकिन कभी ये जानने की कोशिश नहीं की कि ये कहानी किस राज्य की है।

  3. कुन्दन भारद्वाज says:

    बहूत अच्छी लगी

  4. कुन्दन भारद्वाज says:

    मै आपको कहानी कैसे भेजूं

    • Sandeep Kumar Singh says:

      कुंदन भरद्वाज जी आप हमें अपनी कहानियाँ [email protected] पर mail के जरिये भेज सकते हैं। हमें आपकी रचनाओं का इंतजार रहेगा। धन्यवाद।

  5. Rohit chanda says:

    Very nice story i like it

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