विश्व हिंदी दिवस पर विशेष कविता | Vishva Hindi Diwas Par Kavita

विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। फिर भी हिंदी की हालत बाद से बदतर होती जा रही है। इसी सन्दर्भ में हमने हिंदी भाषा के गुणों को बताती एक खास कविता लिखे है। जो यहाँ पेश कर रहे है, पढ़िए- विश्व हिंदी दिवस पर विशेष कविता ।


विश्व हिंदी दिवस पर विशेष कविता

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष कविता

जन्म हुआ मानवता का
हां यही तो वह स्थान है।
दी सीख जिन्होंने धर्म की हमको
तुलसी, कबीर संत महान हैं।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

बिहारी, केशव, भूषण जैसे
कवियों ने हिंदी अपनाई।
हिंदी का महत्व बहुत है
बात ये सब को समझाई।
यही है कारण कि इन सबकी
विश्व में आज पहचान है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

हे भाषा के जनमानस की जो
हृदय से सबको जोड़ती है।
पढ़ा जाए इतिहास तो ये
सभ्यता की ओर मोड़ती है।
हर हिंदुस्तानी के दिल में
इसके लिए सम्मान है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

बात करें जो लिपि की तो
बात ही जिसकी निराली है।
जैसा लिखते वैसा बोलें
पुराना नाम इसी का पॉली है।
गौतम बुद्ध की रचना का भी
इसी भाषा में ज्ञान है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

मुगल आए या आए गोरे
सबको मार भगाया था।
सारा भारत जब आपस में
हिंदी से जुड़ पाया था।
तभी तो हिंदी भाषा में
गाया जाता राष्ट्रगान है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई
आपस में ये सब भ्राता हैं।
है हिंदी जिसके कारण ही
आपस में इनका नाता है।
मिल जुलकर जो ये रहते तो
भारत का होता निर्माण है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

हिंदी में सीखें पढ़ना हम
गाने हिंदी में गाते हैं।
फिर क्यों हिंदी अपनाने में
व्यर्थ ही हम घबराते हैं।
सारे देश के संचार साधनों
की यही तो एक जान है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

छोड़ के हिंदी अंग्रेजी बोले
इसी बात की है निराशा।
सीखें अन्य भाषाओं को पर,
अपनाएँ अपनी  भाषा।
दुनिया में बतलाओ सबको
हिंदी से हमारी शान है।
संस्कृत से संस्कृति हमारी
हिंदी से हिंदुस्तान है।

आपके ये कविता कैसी लगी हमें जरुर बताये। ये कविता लोगो तक शेयर करे और हिंदी का महत्त्व सबको बताये।

ये रचनाएँ भी पढ़े..



अच्छा लगा? तो क्यों ना शेयर और लाइक करे..!


Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

शायद आपको ये भी पसंद आये...

अपने विचार दीजिए:

Your email address will not be published. Required fields are marked *