गुरु शायरी :- गुरु पूर्णिमा पर गुरु की महिमा बताती शायरियां | गुरु के लिए शायरी

माता-पिता हमें जन्म देते हैं। फिर भी उनसे महान अगर किसी को माना जाता है तो वो हैं गुरु। गुरु की महिमा इतनी अपरम्पार है कि उन्हें तो भगवान् से भी बड़ा कहा गया है। इसका कारण शायद यह है कि भगवान् है इस बात का बोध भी गुरु ही करवाते हैं। इसीलिए अगर हमें जीवन के दुखों से मुक्ति पानी है और सही मार्ग पर चलना है तो जीवन में एक गुरु का होना बहुत जरूरी है। गुरु की ऐसी ही महानता को समर्पित है गुरु शायरी संग्रह।

गुरु शायरी

गुरु शायरी

1.

तुम गुरु पर ध्यान दो, गुरु तुम्हें ज्ञान देगा,
तुम गुरु को सम्मान दो, गुरु ऊंची उड़ान देगा।

2.

वो नव जीवन देता सबको, नई शक्ति का संचार करे,
जो झुक जाए उसके आगे, उसका ही गुरु उद्धार करे।

3.

वो नींव की भांति दबा रहे, खड़ी कर देता है मिसाल नई,
ले शिक्षा शिष्य बढे आगे, गुरु का रहता हाल वही।

4.

माँ-बाप ने हमको जन्म दिया, गुरु ने पढना सिखाया है,
शिक्षा देकर हमको अपने जीवन में आगे बढाया है।

5.

जीवन का पथ जहाँ से शुरू होता है,
वो राह दिखाने वाला ही गुरु होता है।

6.

जिसके मन में गुरु के लिए सम्मान होता है,
उसके क़दमों में एक दिन ये सारा जहान होता है।

7.

जो फंसा हो जीवन के मझधारों में उसका भी उद्धार हो जाता है,
गुरु के चरणों में जाने से सबका बेडा पार हो जाता है।

8.

जो झुक जाता है उसके आगे वो सबसे ऊपर उठ जाता है,
गुरु की छत्र छाया में सबका जीवन सुधर जाता है।

9.

जिसके प्रति मन में सम्मान होता है
जिसकी डांट में भी एक अद्भुत ज्ञान होता है,
जन्म देता है कई महान शख्सियतों को
वो गुरु तो सबसे महान होता है।

10.

जल जाता है वो दीये की तरह
कई जीवन रोशन कर जाता है,
कुछ इसी तरह से
गुरु अपना फर्ज निभाता है।

11.

नई राह दिखा कर हमको सभी संशय मिटाता है
सागर से ज्ञान के भरा हुआ बस वही गुरु कहलाता है।

12.

गुरु
जीवन अपना कर अर्पण जो
देश को उन्नति की ओर बढाता है,
रच देता जो इतिहास नए
वो समाज का भाग विधाता है।

13.

देता है जमाने को कई नाम
खुद वो गुमनाम ही रह जाता है,
गुरु में इतनी शक्ति होती है कि
ख़ामोशी में भी बहुत कुछ कह जाता है।

14.

बुरे वक्त में जो बनता सहारा है
दुनिया में बस एक वही हमारा है,
लोगों को प्यारे होंगे महबूब उनके
हमें तो हमारा गुरु प्यारा है।

15.

विद्यालय है मंदिर मेरा, गुरु मेरे भगवान् हैं,
हमारे हृदय में नित उनके लिए सम्मान है।

पढ़िए :- गुरु और शिष्य की कहानी

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धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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