Funny Hindi Story ‘Corporate Culture’: कारपोरेट कल्चर

आप लोगों ने Culture के बारे में तो सुना ही होगा। हर जगह का अपना culture होता है। लेकिन क्या कभी Corporate Culture के बारे में सुना है। अरे क्या हुआ? नहीं सुना तो कोई बात नहीं । हम आपको एक funny Hindi Story  के जरिये Corporate Culture का अर्थ समझा देते हैं। तो आइये पढ़ते है ये funny Hindi Story :- ‘Corporate Culture’: कारपोरेट कल्चर


ant working

कुछ नन्हीं चींटीयां रोज अपने काम पर समय से आती थी। और अपना काम अपना काम समय पर करती थी। वे जरूरत से ज्यादा काम करके भी खूब खुश थी। क्योंकि वो काम को काम न समझ कर मनोरंजन समझती थीं। अचानक एक दिन जंगल के राजा शेर नें एक चींटीयों को एक साथ बड़ी लगन से काम करते हुए देखा। और आश्चर्यचकित हुआ कि चींटीयां बिना किसी निरीक्षण और दबाव के इतना अच्छा काम कर रहीं थीं।

उसने सोचा कि अगर चींटीयां बिना किसी सुपरवाईजर  के इतनी लगन से इतना काम कर रही थीं, तो जरूर सुपरवाईजर के मार्गदर्शन में वो अधिक काम कर सकती थीं। उसनें काक्रोच को उन चीटियों का निरीक्षक नियुक्त किया जिसे सुपर्वाईजरी  का 10 साल का अनुभव था। और वो रिपोर्टों का बढ़िया अनुसंधान करता था। जो काम को और सरल बना दिया करती थीं।

काक्रोच नें आते ही सुबह आने का टाइम, लंच टाईम और जाने का टाईम  निर्धारित किया, और अटेंडेंस रजिस्टर  बनाया । उसनें अपनी रिपोर्टें टाईप  करने के लिये, सेक्रेटरी  भी रखी और वो थी मकड़ी। उसनें मकड़ी को नियुक्त किया जो सारे फोनों  का जवाब देती थी और सारे रिकार्डों  को मेनटेन  करती थी

एक महीने के बाद काक्रोच ने शेर को एक महीने के काम की र्रेपोर्ट दिखाई तो शेर को काक्रोच की रिपोर्टें पढ़ कर बड़ी खुशी हुई। उसने काक्रोच से कहा कि वो प्रोडक्शन एनालिसिस करे और, बोर्ड मीटिंग में प्रस्तुत करने के लिये ग्राफ बनाए। इसलिये काक्रोच को नया कम्प्यूटर और लेजर प्रिंटर खरीदना पड़ा। और उसनें आई टी डिपार्टमैंट संभालने के लिए मक्खी को नियुक्त किया ।

चींटी जो शांति के साथ अपना काम पूरा करना चाहती थी, इतनी रिपोर्टों को लिखकर और मीटिंगों से परेशान होने लगी ।  शेर ने सोचा कि अब वक्त आ गया है कि जहां चींटी काम करती है वहां डिपार्टमेंट का अधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिये । उसनें झींगुर को नियुक्त किया। झींगुर ऑफिस का हाल सही नहीं लगा इसलिए उसने ने आते ही अपने आॅफिस के लिये कार्पेट और ए.सी. खरीदा ।

नये बाॅस झींगुर को भी अपने काम के लिए कम्प्यूटर की जरूरत पड़ी। उसे कंप्यूटर चलने नहीं अत था इसलिए कंप्यूटर चलाने के लिये वो अपनी पिछली कम्पनी में काम कर रही असिस्टेंट को भी नई कम्पनी में ले आया । चींटीयां जहां काम कर रही थीं। वो दुःख भरी जगह हो गयी जहां सब एक दूसरे के पर आदेश चलते थे और चिल्लाते रहते थे ।

funny Hindi Story

काम सही न होते देख झींगुर ने शेर को कुछ समय बाद बताया कि आॅफिस मे टीमवर्क कमजोर हो गया है जिस कारन काम सही से नहीं चल पा रहा है और इन सब को काम के लिए प्रेरित करने और काम का माहौल बदलने के लिए कुछ करना चाहिये। चींटीयों के डिपार्टमेंट की रिव्यू करते वक्त शेर ने देखा कि पहले से उत्पादकता बहुत कम हो गयी थी। उत्पादकता बढ़ाने के लिये शेर ने एक प्रसिद्ध कंसलटेंट उल्लू को नियुक्त किया।

उल्लू नें चींटीयों के विभाग का गहन अघ्ययन तीन महीनों तक किया फिर उसनें अपनी 1200 पेज की रिपोर्ट दी जिसका निष्कर्ष था कि विभाग में बहुत ज्यादा लोग हैं। जो कम करने की आवश्यकता है।

सोचिये शेर ने नौकरी से किसको निकाला….???

“नन्हीं चींटीयों को”।

क्योंकि उनमे “नेगेटिव एटीट्यूड, टीमवर्क, और मोटिवेशन की कमी थी“।

     इसे कहते है “कारपोरेट कल्चर!!”

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Chandan Bais

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