एक बूँद इश्क – The Last Wish | इश्क पर कविता

Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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2 लोगो के विचार

  1. बहुत खूब।

    इश्क़ में न जाने क्या बात है, सारी दुनिया भुलवा देता है।
    इश्क़ में न जाने क्या गुरूर है, इंसान को खुदा बना देता है।।

    इश्क़ में न जाने कैसी नजाकत है, इसके सामने कुछ और नजर ही न आता है।
    इश्क़ का न जाने क्या दस्तूर है, खुद को ही भुलवा देता है।

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