एशिया महाद्वीप की सामान्य जानकारी :- एशिया से जुड़े कुछ तथ्य और रिकॉर्ड

महाद्वीप दो शब्दों के मेल से बना है। महा और द्वीप महा का अर्थ महान या बड़ा और द्वीप का मतलब है ऐसा भूखंड जो चारों तरफ से समुद्र से घिरा हो। इस तरह भूखंड का एक बड़ा भाग जो चारों ओर से समुद्र से घिरा हो महाद्वीप कहलाता है। ऐसे कई महाद्वीप धरती पर पाये जाते हैं। यूँ तो महाद्वीप की संख्या के बारे में बहुत मतभेद हैं लेकिन मुख्यतः जो महाद्वीपों की संख्या है वो 7 मानी गयी है। ये महाद्वीप हैं :- एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमरीका, दक्षिण अमरीका अन्टार्टिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया (ओशीनिया)। इस लेख में हम जानेंगे एशिया महाद्वीप के बारे में

एशिया महाद्वीप

एशिया महाद्वीप

 

एशिया धरती का सबसे बड़ा महाद्वीप है। इसकी धरती उत्तर में उत्तरीय ध्रुव महासागर, दक्षिण में हिन्द महासागर और पूर्व में प्रशांत महासागर से घिरी हुयी है। इस महाद्वीप की खास बात ये है की दुनिया के लगभग सभी धर्मों – हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध, यहूदी, ताओ, जैन आदि ने एशिया की धरती पर ही जन्म लिया है। इतना ही नहीं एक दूसरे से बात करने के लिए एशिया में लगभग 2200 भाषाओं का प्रयोग किया जाता है। बाकी महाद्वीपों से ज्यादा आबादी इस महाद्वीप पर बसती है। इसका कारण यह भी है कि दुनिया में बसने वाली पहली सभ्यताएं यहीं पर हुयी हैं।

एशिया का अर्थ

एशिया हिब्रू भाषा के आसु शब्द से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ उदित सूर्य से हैं। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि धरती पर सबसे पहले सूर्य एशिया में ही उदय होता है। उसके बाद ही पूरा विश्व इसकी रौशनी से प्रकशित होता है।

एशिया का क्षेत्रफल

पूर्वी और उत्तरी गोलार्द्धों के बीच स्थित एशिया महाद्वीप का कुल क्षेत्रफल 44,579,000 वर्ग किलोमीटर है। जो कि सभी महाद्वीपों का 30 प्रतिशत है और महासागरों सहित पूरी धरती का 8.7 प्रतिशत है।

एशिया जनसंख्या

सभी महाद्वीपों में सबसे ज्यादा आबादी एशिया महाद्वीप में ही बसती है। दुनिया की 60 प्रतिशत आबादी समेटे हुए इस महाद्वीप की कुल आबादी 4.5 अरब है। मजे की बात ये है कि इसमें भी 2.5 अरब आबादी चीन और भारत देश की भूमि पर है। मतलब एशिया की आधी से ज्यादा आबादी भारत और चीन में रहती है।

एशिया के देश

दुनिया के सबसे बड़े एशिया महाद्वीप में कुल 50 देश हैं। इन सभी देशों की ख़ास बात यह है कि यहाँ लगभग हर धर्म के लोग रहते हैं। अनेकों भाषाएँ बोली जाती हैं। जो की एशिया को एक विशेष महाद्वीप बनाती हैं।

एशिया का सबसे बड़ा देश

क्षेत्रफल की दृष्टि से एशिया का सबसे बड़ा देश रूस है। यह देश एशिया से लेकर यूरोप तक फैला हुआ है। वैसे तो इसका कुल क्षेत्रफल 17,125,200 वर्ग किलोमीटर है। परन्तु अगर यूरोप के हिस्से को निकल दिया जाए तो एशिया में इसका क्षेत्रफल 13,100,000 वर्ग किलोमीटर है। जनसँख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा देश है चीन। जिसकी जनसँख्या 1.4 अरब है।

एशिया का सबसे छोटा देश

मालदीव क्षेत्रफल और जनसँख्या दोनों ही तरह से एशिया का सबसे छोटा देश है। इसका क्षेत्रफल 298 वर्ग किलोमीटर है और इसकी जनसँख्या 4.3 लाख है।

एशिया की सबसे लंबी नदी

एशिया महाद्वीप की सामान्य जानकारी :- एशिया से जुड़े कुछ तथ्य और रिकॉर्ड

यांग्त्सी नदी

एशिया में बहने वाले सबसे लम्बी नदी ‘ यांग्त्सी नदी ‘ है। यह नदी चीन में हैं और ये सिर्फ एशिया की ही सबसे बड़ी नहीं नहीं बल्कि दुनिया की भी तीसरी सबसे बड़ी नदी है। इसकी लम्बाई 6380 किलोमीटर है। यह नदी चीन के सीकांग पहाड़ी क्षेत्र से निकलते हुए पूर्वी चीन सागर में जाकर गिरती है।

एशिया का सबसे बड़ा डेल्टा

एशिया और विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी से मिलकर बनती है। बंगाल और बंगलदेश के कुछ हिस्से में स्थित यह डेल्टा ब्रह्मपुत्र डेल्टा, सुंदरबन डेल्टा और बंगाल डेल्टा के नाम से जाना जाता है। इसमें बहने वाली नदियाँ बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती हैं। यहाँ की जमीन बहुत उपजाऊ है। इस वजह से चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। यह लगभग 354 किलोमीटर लम्बी है।

एशिया की सबसे बड़ी झील

कैस्पियन सागर

कैस्पियन सागर

एशिया की सबसे बड़ी झील कैस्पियन सागर दुनिया की भी सबसे बड़ी झील है। मध्य एशिया में स्थित इस झील के बहने का कोई बहरी रास्ता नहीं है। इसका पानी बस वाष्पीकरण के जरिये ही बाहर जा सकता है। यह समुद्र तल से 28 मीटर नीचे स्थित है। इस सागर का नाम इसके किनारे रहने वाले कास्पी जाती के लोगों के नाम पर पड़ा है। इसका क्षेत्रफल 3,71,000 वर्ग किलोमीटर है और आयतन 78200 घन किलोमीटर है।

कैस्पियन सागर सबसे बड़ी झील है तो सही लेकिन इसका पानी खारा है।  वहीं अगर बात करें ताजे पानी के हिसाब से तो सबसे बड़ी झील का नाम बयकाल झील है। मंगोल भाषा में बयकाल का अर्थ ‘ कुदरती झील ‘ होता है। बयकाल झील रूस में है। यह ताजे पानी की सबसे बड़ी झील है। यह दुनिया की सबसे गहरी साफ़ पानी वाली झील भी है। क्षेत्रफल के हिसाब से 31,722 वर्ग किलोमीटर के साथ यह दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी झील है।

एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील

एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में सोनभद्र जिले के पिपरी गाँव में स्थित है। जिसक नाम गोविन्द बल्लभ पंत सागर है। यह झील रिहंद नदी को बाँध कर बनायीं गयी है। इस कारन इसे रिहंद जलाशय के नाम से भी जाना जाता है। यह जलाशय 1954 से लेकर 1962 तक के समय में तैयार हुआ था। यह 30 किलोमीटर लम्बा और 15 किलोमीटर चौड़ा है।

एशिया का सबसे बड़ा मरुस्थल

अरबी रेगिस्तान

अरबी रेगिस्तान – एशिया का सबसे बड़ा मरुस्थल

अरबी रेगिस्तान पश्चिमी एशिया में स्थित है। यह एक विशाल रेगिस्तान है जो दक्षिण में यमन से लेकर उत्तर में फ़ारस की खाड़ी तक और पूर्व में ओमान से लेकर पश्चिम में जोर्डन और इराक़ तक फैला हुआ है। दिन में यहाँ का तापमान ऊपर चला जाता है और भयंकर गर्मी पड़ती है। अगर बात की जाए रात के तापमान की तो वो दिन से बिलकुल उल्टा है। रात को तो तापमान शून्य से भी नीचे चला जाता है। इसका क्षेत्रफल 2,330,000 वर्ग किलोमीटर है। जोकि पूरे भारत के क्षेत्रफल का 70 प्रतिशत है। इसीलिए यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा मरुस्थल है।

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एशिया का सबसे बड़ा पठार

चीन में स्थित तिब्बत का पठार सिर्फ एशिया महाद्वीप का ही नहीं पूरे विश्व का सबसे बड़ा पठार है। उत्तर से दक्षिण की ओर यह 1500 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम तक 2500 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसके साथ ही इसकी ऊँचाई 4500 मीटर है। इसकी विशालता के कारन इसे दुनिया की छत भी कह कर पुकारा जाता है। विश्व के 8000 मीटर से ऊंचे 14 पर्वत इसी क्षेत्र के आस-पास पाए जाते हैं।

एशिया का सबसे बड़ा गांव

भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में गंगा नदी के निकट बसा गाँव गहमर एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा गाँव है। इस गाँव में एक रेलवे स्टेशन और 2 पोस्ट ऑफिस हैं। इस गाँव को 1530 में कुसुम देव राव ने बसाया था। इस गाँव की खास बात ये हैं कि इसमें 5000 से ज्यादा भूतपूर्व सैनिक है और 10,000 से ज्यादा जवान अभी सेना में हैं। इस कारन इसे फौजियों का गाँव भी अकः जाता है।

एशिया की सबसे ऊँची जगह

माउंट एवरेस्ट

माउंट एवरेस्ट

एशिया में सबसे ऊँची जगह है माउंट एवेरेस्ट की चोटी। चीन और नेपाल के बीच स्थित इस पहाड़ की ऊंचाई 8848 मीटर है। ये सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे ऊँची जगह है। हिमालयन डेटाबेस के हिसाब से इस चोटी पर 2013 तक 6871 लोग पहुँच चुके हैं। लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है इसकी चोटी पर पहुँचने के प्रयास में 220 से ज्यादा लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। इसके बावजूद पद्मश्री विजेता अरुणिमा सिन्हा भारत की तरफ से माउंट एवरेस्ट की छोटी पर पहुँचने वाली विश्व की प्रथम विकलांग महिला बनी।

एशिया की सबसे नीची जगह

डेड सी या मृत सागर के नाम से जाने जाना वाला सबसे निचला बिंदु समुद्र तल से 400 मीटर नीचे है। यह 65 किलोमीटर लम्बा और 18 किलोमीटर चौड़ा है। इसका घनत्व इतना है कि इसमें कोई भी इन्सान डूब कर नहीं मर सकता। न ही कोई मछली इसमें जिन्दा रह सकती है। बढती गर्मी के कारण इस सागर का जल कम हो रहा है और 2050 तक इस मृत सागर के गायब होने का अंदेशा है।

एशिया की सबसे ठंडी जगह

रूस का वेर्खोयांस्क क्षेत्र एशिया की सबसे ठंडी जगह माना गया है। यहाँ सर्दियों के मौसम के दौरान तापमान -70 डिग्री सेल्सिअस तक चला जाता है। जनवरी में ठंडी अपने चरम पर होती है।

एशिया का सबसे गर्म स्थान

एशिया के कुछ देशों में इतनी गर्मी पड़ती है कि सभी देश एक दूसरे का रिकॉर्ड तोड़ते रहते हैं। जिनमे जापान का होक्काइडो, चीन का संघाई और दक्षिण कोरिया के जॉन्जू जैसे कई स्थान हैं। जो सबसे ज्यादा तापमान एशिया में अबतक रिकॉर्ड किया गया है वो है इजराइल का तिरत त्ज्वी। जिसका तापमान 21 जून 1942 को 53.9 डिग्री सेल्सिअस था।

तो ये थी एशिया महाद्वीप के बारे में कुछ जानकरी। अगर आपको लगता है कि इसमें कोई और जानाकरी भी होनी चाहिए या फिर आपके मन में है कोई सवाल तो बिना किसी देरी के कमेंट बॉक्स में लिखें। हम आपके सवालों का जवाब देने का हर संभव प्रयास करेंगे।

धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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