टूटता वादा – एक ही समाज के दो पहलुओं को दिखाती कविता

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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उम्मीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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11 Responses

  1. Ankush says:

    Nyc and true preety g

  2. Vinod says:

    Jo eda kre ladies nal kuto ohnu

  3. Ruhi says:

    Right society diplomatic hai gud attempt. Mam

  4. Girish says:

    True story of typical indian society . Every person hv equal rights but our society always snatch womens rights but this is not universal truth but common problem in our typical society. Well done preeti ji

  5. Akshay sharma says:

    Nyc and absolute ryt line ….. I am so happy …

  6. मिंकू मुकेश सिंह says:

    सर्वश्रेष्ठ आदरणीय

    दोहरी मानसिकता की परिचायक आपकी कविता दिल मे उतर गई।

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